नई दिल्ली। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आपने कई रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखे होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फॉर्मेट का एक ऐसा मैच भी खेला जा चुका है, जो महज 44 गेंदों में समाप्त हो गया? यानी मैच का फैसला सिर्फ 7.2 ओवर में हो गया। खास बात यह है कि यह कोई आम मुकाबला नहीं, बल्कि एक टूर्नामेंट का फाइनल था।
यह मुकाबला 2025 में सिंगापुर में खेले गए एशिया पैसिफिक क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मलेशिया और हांगकांग के बीच हुआ था। लगातार बारिश के कारण मैच को घटाकर 5-5 ओवर का कर दिया गया। इसके बाद मुकाबला बेहद तेजी से खत्म हुआ और मलेशिया ने 10 विकेट से खिताब अपने नाम कर लिया।
बारिश ने बदला पूरे मैच का समीकरण
सिंगापुर नेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस फाइनल में बारिश ने जमकर खलल डाला। टी20 मुकाबले में जहां दोनों टीमों को 20-20 ओवर खेलने होते हैं, वहीं खराब मौसम के कारण मैच को सिर्फ 5-5 ओवर का कर दिया गया।
मलेशिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऐसे में हांगकांग के बल्लेबाजों के सामने कम गेंदों में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की चुनौती थी।
5 ओवर में हांगकांग ने बनाए 52 रन
हांगकांग की शुरुआत ठीक रही, लेकिन टीम लगातार विकेट गंवाती रही। विकेटकीपर बल्लेबाज जीशान अली ने 6 गेंदों में 11 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। हालांकि, वह 1.2 ओवर में विरनदीप सिंह की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद हयात सिर्फ 3 गेंदों में 4 रन बनाकर विरनदीप का दूसरा शिकार बने। 1.4 ओवर के बाद हांगकांग का स्कोर 16 रन पर 2 विकेट हो गया था।
निजाकत खान भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। उन्होंने 4 गेंदों में 5 रन बनाए और विजय उन्नी की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। महज 2.3 ओवर में हांगकांग के तीन विकेट गिर चुके थे।
अंशुमान रथ ने संभाली पारी
लगातार विकेट गिरने के बीच अंशुमान रथ ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला। उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों में 27 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल था। उनका स्ट्राइक रेट 225 का रहा।
रथ ने मार्टिन कोएत्जे के साथ मिलकर टीम को 50 रन के पार पहुंचाया। हालांकि, पारी की आखिरी गेंदों में वह रन आउट हो गए। मार्टिन कोएत्जे 4 गेंदों में 3 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि कप्तान यासिम मुर्तजा ने एक गेंद पर नाबाद 2 रन बनाए।
इस तरह हांगकांग ने निर्धारित 5 ओवर में 4 विकेट खोकर 52 रन बनाए और मलेशिया के सामने 53 रन का लक्ष्य रखा।
विरनदीप सिंह रहे सबसे सफल गेंदबाज
मलेशिया की तरफ से विरनदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 2 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने जीशान अली और हयात को पवेलियन भेजा।
विजय उन्नी ने भी एक विकेट हासिल किया। उन्होंने अपने एक ओवर में 12 रन खर्च किए। मलेशियाई गेंदबाजों ने हांगकांग को 52 रन तक रोककर फाइनल में अपनी टीम की स्थिति मजबूत कर दी थी।
14 गेंदों में मलेशिया ने खत्म किया मैच
53 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मलेशिया की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान सैयद अजीज मुबारक ने महज 9 गेंदों में नाबाद 36 रन ठोक दिए। उनकी पारी में एक चौका और पांच छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 400 का रहा।
दूसरे छोर पर अस्लम खान मलिक ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 5 गेंदों में नाबाद 18 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था। उनका स्ट्राइक रेट 360 रहा।
दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर महज 14 गेंदों में 55 रन जोड़ दिए और मलेशिया ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस तरह बारिश से प्रभावित यह फाइनल सिर्फ 44 गेंदों यानी 7.2 ओवर में समाप्त हो गया। मलेशिया ने 10 विकेट से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया और यह मुकाबला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे छोटे मैचों में दर्ज हो गया।


