चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों में सरकारी सुविधाओं और सेवाओं को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के 582 गांवों में ‘विलेज नॉलेज सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 514.53 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक सेंटर के निर्माण पर लगभग 88.33 लाख रुपये की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में नाबार्ड के सहयोग से इन सेंटरों की स्थापना को लेकर योजना पर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अधिकारियों को परियोजना के लिए जरूरी राशि की वित्तीय स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर जल्द जारी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य तय समयसीमा में शुरू किया जा सके।
गांवों में एक ही जगह मिलेंगी कई सरकारी सेवाएं
सरकार इन विलेज नॉलेज सेंटरों को ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ऑल-इन-वन’ सहायता केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना बना रही है। यहां विकास एवं पंचायत विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी भी उपलब्ध रहेंगे।
इससे ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं और योजनाओं से संबंधित काम के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सेंटर में बैठक कक्ष, सरपंच कार्यालय, सीएससी रूम, डिजिटल लाइब्रेरी और केयरटेकर कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सेंटर परिसर में लगाया जाएगा छायादार पेड़
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विलेज नॉलेज सेंटर परिसर में चबूतरा बनाने और उसके साथ एक छायादार पेड़ लगाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में पेड़ और चबूतरा लंबे समय से सामुदायिक बातचीत और आपसी मेल-जोल का हिस्सा रहे हैं।
सरकार की कोशिश है कि ये सेंटर केवल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की जगह न बनें, बल्कि ग्रामीणों के लिए संवाद और सामाजिक मेल-जोल का केंद्र भी बन सकें।
गलियों की मरम्मत में अनावश्यक खर्च रोकने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गांवों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलियों की मरम्मत के दौरान पूरी सड़क या गली को उखाड़ने के बजाय केवल खराब हिस्से की जरूरत के अनुसार मरम्मत की जाए।
इससे सरकारी धन की बचत होने के साथ-साथ ग्रामीणों को होने वाली असुविधा भी कम होगी।
फिरनी और स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने गांवों में फिरनी की व्यवस्था और स्ट्रीट लाइटिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए।
सरकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने से गांवों में रहने वाले लोगों को विकास योजनाओं का सीधा और बेहतर लाभ मिल सकेगा।


