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भारत की बेटियों का एशिया कप पर कब्जा, श्रीलंका को 72 रन से रौंदकर 8वीं बार बनी चैंपियन; हरमनप्रीत ने रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया कप पर कब्जा जमा लिया है। फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रन से मात देकर 8वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई।

हरमनप्रीत ने मिताली राज को पीछे छोड़ा

एशिया कप में भारतीय टीम की यह ऐतिहासिक 8वीं खिताबी जीत है। वहीं, कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर की यह चौथी एशिया कप ट्रॉफी है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

मिताली की कप्तानी में भारत ने तीन बार एशिया कप का खिताब जीता था। अब चार ट्रॉफियों के साथ हरमनप्रीत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल कप्तान बन गई हैं। श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू और बांग्लादेश की सलमा खातून भी अपनी टीमों को एक-एक बार चैंपियन बना चुकी हैं।

भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2022 में टी-20 फॉर्मेट में एशिया कप जीत चुका था।

फाइनल में हरमनप्रीत का बल्ला नहीं चला

खिताबी मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। वह 14 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हुईं और उनकी पारी में सिर्फ एक चौका शामिल रहा। हालांकि, बतौर कप्तान पूरे टूर्नामेंट में उनकी भूमिका अहम रही।

शेफाली और स्मृति ने रखी जीत की नींव

टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम को शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की बड़ी साझेदारी की।

शेफाली ने 68 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने 59 रन बनाए। दोनों की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

भारतीय गेंदबाजों के सामने ढेर हुआ श्रीलंका

184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 4 रन के स्कोर पर उसे पहला झटका लग गया। कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने पारी को संभालने की कोशिश की और टीम को 50 रन के पार पहुंचाया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।

मैच का रुख 10वें ओवर में पूरी तरह भारत की ओर मुड़ गया, जब दीप्ति शर्मा ने एक ही ओवर में दो विकेट हासिल किए। इसके बाद श्री चरणी और शेफाली वर्मा ने भी गेंद से प्रभावी प्रदर्शन किया।

लगातार विकेट गिरने के कारण श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर सिमट गई और भारत ने 72 रन से फाइनल जीतकर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

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