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गमाडा पर कार्रवाई को लेकर ‘आप’ का केंद्र पर निशाना, कहा- कल्याणकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) से जुड़े मामले को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाने और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।

‘आप’ ने कहा कि गमाडा मोहाली के विकास से जुड़ी प्रमुख संस्था है और इसके माध्यम से विकास कार्यों के लिए राजस्व भी जुटाया जाता है। पार्टी के मुताबिक, ऐसे समय में गमाडा को निशाना बनाया जाना सवाल खड़े करता है, जब पंजाब सरकार ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

‘अधिकारियों में डर का माहौल बनाने का आरोप’

पार्टी ने एक बयान में दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का उद्देश्य पंजाब सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाना है। ‘आप’ ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक स्तर पर भगवंत मान सरकार के कामों को चुनौती देने के बजाय केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाने का रास्ता अपना रही है।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित केंद्रीय एजेंसियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस बयान में नहीं दी गई है।

गमाडा के विकास कार्यों का दिया हवाला

‘आप’ ने कहा कि गमाडा मोहाली में सड़क, शहरी बुनियादी ढांचे और विभिन्न बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। पार्टी ने कहा कि आईटी सिटी, एयरोसिटी और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए गमाडा की भूमिका महत्वपूर्ण है। उसके अधिकारियों पर दबाव पड़ने से विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका पार्टी ने जताई।

पार्टी ने केंद्र से सवाल किया कि यदि गमाडा से जुड़ी किसी गतिविधि को लेकर जांच या कार्रवाई की जा रही है तो उसका आधार और उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

कल्याणकारी योजनाओं का भी किया जिक्र

‘आप’ ने भगवंत मान सरकार की ‘मावां-धियां सत्कार योजना’, मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का कल्याणकारी एजेंडा जारी रहेगा। ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब में बड़ी संख्या में महिलाओं का पंजीकरण हुआ है। जुलाई 2026 में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 14 जुलाई तक योजना के तहत 68.9 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया था।

पार्टी ने कहा कि पंजाब सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को जारी रखेगी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से इन योजनाओं पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

‘आप’ ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी ने केंद्र से कहा कि उसे राजनीतिक मुद्दों पर सरकार से सीधे मुकाबला करना चाहिए और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

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जेल जाने के डर के आरोप पर हुड्डा का पलटवार, बोले- मेरे परिवार का स्वतंत्रता आंदोलन से रहा है नाता चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के आरोपों पर पलटवार किया है। चौटाला ने हुड्डा पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ कथित समझौता करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में हुड्डा ने अपने परिवार की स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी पृष्ठभूमि का हवाला दिया। हुड्डा ने कहा कि उनके पिता और दादा अविभाजित भारत में जेल जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार के स्वतंत्रता सेनानी आठ जेलों में रहे हैं। ऐसे में उन पर जेल जाने के डर से राजनीतिक समझौता करने का आरोप उचित नहीं है। हुड्डा ने कहा कि वह उन्हीं स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आते हैं और जेल से डरने का सवाल ही नहीं उठता। अभय चौटाला के आरोप पर दिया जवाब दरअसल, इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने हुड्डा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने जेल जाने के डर से BJP के साथ समझौता किया। चौटाला इससे पहले भी हुड्डा परिवार और BJP के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी को लेकर आरोप लगाते रहे हैं। हालिया बयानों में भी उन्होंने हुड्डा परिवार पर BJP को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया गया है। हुड्डा ने इन आरोपों के जवाब में अपने परिवार की स्वतंत्रता सेनानी पृष्ठभूमि को सामने रखा और कहा कि उनके राजनीतिक रुख को जेल के डर से जोड़ना सही नहीं है। दोनों नेताओं के बयानों के बाद हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस और इनेलो के बीच जुबानी टकराव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। विवाद में BJP के साथ कथित राजनीतिक संबंधों के आरोपों के साथ-साथ दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने राजनीतिक इतिहास और रुख को लेकर दावे किए जा रहे हैं।
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