हिसार: अपने जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने हिसार पहुंचीं सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठाए।
सैलजा ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
कुमारी सैलजा ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला बोला और आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में सामने आए मतभेदों को लेकर अपनी सफाई दी है। आयोग के अनुसार, SIR समेत सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव निर्णय प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण का हिस्सा थे और ऐसे विचार-विमर्श को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
हरियाणा सरकार पर भी साधा निशाना
कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पंजाब दौरों पर टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब मुख्यमंत्री पंजाब में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, तो हरियाणा की समस्याओं और जनता के मुद्दों पर कौन ध्यान दे रहा है।
सैलजा ने कहा कि प्रदेश सरकार को हरियाणा के विकास, जनता की समस्याओं और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद मुख्यमंत्री के पंजाब दौरों को लेकर हरियाणा की राजनीति में बहस तेज होने की संभावना है।
कुमारी सैलजा ने अपने जन्मदिन के मौके पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और प्रदेश के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। चुनाव आयोग को लेकर उनके बयान ने राज्य की सियासत के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर चल रही SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी बहस को भी हरियाणा की राजनीति से जोड़ दिया है।


