चंडीगढ़: हरियाणा में नशे के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। फरीदाबाद में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश सरकार के नशा-विरोधी अभियानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल जागरूकता अभियान, मैराथन और जगह-जगह लगाए गए बोर्डों से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नशीले पदार्थों की सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार की ओर से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 27 सितंबर को फरीदाबाद में ‘ड्रग-फ्री हरियाणा नमो मैराथन-2026’ का आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1.35 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
सुरजेवाला ने सरकार पर साधा निशाना
कार्यकर्ता सम्मेलन में सुरजेवाला ने नशा मुक्ति मैराथन और जागरूकता अभियानों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ‘उड़ता हरियाणा’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए प्रदेश में नशे के कथित बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई।
सुरजेवाला ने दावा किया कि विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार एक साल में करीब 70 हजार बच्चे नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणा में पांच लाख से अधिक युवा नशे की चपेट में हैं। सिरसा, फतेहाबाद, पंचकूला, फरीदाबाद और गुरुग्राम का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों में नशे की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की।
ये आंकड़े और दावे सुरजेवाला के बयान पर आधारित हैं।
सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नशीले पदार्थों की सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क पर भी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अपने पुराने कांग्रेस शासनकाल का हवाला देते हुए दावा किया कि उस दौरान नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती थी।
फरीदाबाद का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कुछ इलाकों में कथित तौर पर नशीले पदार्थों से जुड़े सामान मिलने की शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सिंथेटिक ड्रग्स के प्रसार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर युवाओं पर पड़ रहा है।
फरीदाबाद के विकास का भी मुद्दा उठाया
सुरजेवाला ने फरीदाबाद को हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी शहरों में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश के विकास के लिए फरीदाबाद जैसे शहरों पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल गुरुग्राम के विकास से पूरे हरियाणा की तस्वीर नहीं बदली जा सकती।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरा
सम्मेलन में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा। संजय दत्त ने रोजगार और सरकार की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए, जबकि राव नरेंद्र सिंह ने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की। इन नेताओं के आरोप राजनीतिक दावे हैं।
वहीं, हरियाणा सरकार की ओर से नशे के खिलाफ जागरूकता, खेल और जनभागीदारी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार नशा-विरोधी अभियान में जागरूकता के साथ युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
ऐसे में हरियाणा में नशे का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का एक अहम विषय बना रह सकता है। कांग्रेस सरकार से सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई और नशे की समस्या के आंकड़ों को लेकर जवाब मांग रही है, जबकि सरकार अपने जागरूकता और नशा-मुक्ति अभियानों को आगे बढ़ा रही है।


