अंबाला: हरियाणा के अंबाला में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
मलबे में कुछ और मजदूरों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
छत का स्लैब डालने के दौरान ढही इमारत
जानकारी के मुताबिक, धूलकोट गांव में तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे के वक्त तीसरी मंजिल पर छत के लिए कंक्रीट स्लैब डालने का काम किया जा रहा था। करीब 15 मजदूर तीसरी मंजिल पर मौजूद थे, जबकि अन्य मजदूर नीचे काम कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। देखते ही देखते कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी।
इसके बाद NDRF और SDRF की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया और अंदर फंसे मजदूरों की तलाश की जा रही है।
मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से शुरुआती तौर पर 4 लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी। वहीं, कई घायलों को इलाज के लिए अंबाला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
बाद में सामने आए अपडेट के अनुसार, हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई। राहत और बचाव दल अभी भी मलबे की तलाशी में जुटे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ और मजदूर मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं।
हादसे के समय करीब 25 मजदूर थे मौजूद
अधिकारियों के अनुसार, इमारत गिरने के समय निर्माण स्थल पर करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें स्थानीय क्षेत्र के अलावा दूसरे राज्यों से आए मजदूरों के होने की भी जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। घायलों का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।
निर्माण में लापरवाही की होगी जांच
पुलिस और प्रशासन की ओर से इमारत के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और नक्शे की जांच की जाएगी। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और निर्माण कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा था या नहीं।
हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।


