नारनौल। हरियाणा सरकार ने पालतू पशुओं को सड़क पर बेसहारा छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने सोमवार को नारनौल में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि दूध निकालने के बाद पशुओं को खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। ऐसे पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ बार-बार नियम तोड़ने पर पशुओं को जब्त भी किया जाएगा।
पहली बार 11 हजार, दूसरी बार 21 हजार रुपये जुर्माना
विपुल गोयल ने बताया कि पहली बार पशु को सड़क पर खुला छोड़ने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार नियम तोड़ने पर जुर्माने की राशि बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दी जाएगी।
अगर कोई पशु मालिक तीसरी बार भी यही गलती करता है तो संबंधित पशु को इंपाउंड कर लिया जाएगा। इसके बाद गाय को गौशाला और नंदी को नंदीशाला भेजा जाएगा।
12 शिकायतें हुईं बैठक में पेश
राजकीय पीजी कॉलेज सभागार में आयोजित बैठक में कुल 12 मामले रखे गए। इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि एक मामले में जांच के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन की ओर से 28 सितंबर की बैठक के लिए इन 12 मामलों को निर्धारित किया गया था।
बिना लाइसेंस चल रहे गेस्ट हाउसों की होगी जांच
बैठक में नारनौल में संचालित गेस्ट हाउसों का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने अधिकारियों को गेस्ट हाउसों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गेस्ट हाउस के पास जरूरी लाइसेंस नहीं हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देश
मालड़ा सराय निवासी महेंद्र सिंह की पानी निकासी से संबंधित शिकायत पर पंचायत अधिकारी को काम जल्द पूरा करने और एक महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
एचएसवीपी सेक्टर-1 के आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों ने पार्कों की चारदीवारी तथा बेसहारा पशुओं की समस्या उठाई। मंत्री ने संबंधित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
राजावास की ढाणी निवासी बलजीत सिंह की माइनिंग संबंधी शिकायत पर एडीसी को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। वहीं, गहली निवासी सचिन की जमीन से जुड़े मामले में तहसीलदार को नियमानुसार सही बंटवारा कराने के निर्देश दिए गए।
मोहल्ला सीलाखाना निवासी राम सज्जन शर्मा की शिकायत पर जिला नगर आयुक्त को सभी पुराने बोरवेल बंद कराने और किसी भी मेनहोल को खुला न छोड़ने के निर्देश दिए गए। फैक्ट्री से जुड़ी शिकायत के मामले में मंत्री ने तीसरा नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई करने को कहा।
समय-सीमा में शिकायतों का समाधान करने के निर्देश
मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान करना सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने लंबित मामलों में तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


