रोहतक। अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के सामने देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक स्कॉर्पियो कार के अंदर ठेकेदार और वकील प्रदीप नारा उर्फ मोनू का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। प्रदीप नारा पूर्व भाजपा पार्षद दीपिका नारा (नेहरा) के पति थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को कार के अंदर शव के पास से प्रदीप नारा का लाइसेंसी रिवॉल्वर भी मिला है। शुरुआती जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका को भी देख रही है, लेकिन अभी मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने हत्या समेत अन्य संभावित पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा है।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
मृतक के पिता ने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार के मुताबिक प्रदीप नारा का करीब 32 करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़े विवाद को लेकर मामला चल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि इस विवाद के चलते प्रदीप नारा को कथित तौर पर धमकियां भी मिल रही थीं। परिवार ने इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर उनकी मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
FSL और सीन ऑफ क्राइम टीम ने जुटाए सबूत
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ FSL (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) और सीन ऑफ क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीमों ने स्कॉर्पियो कार के अंदर और आसपास के इलाके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस घटनास्थल से मिले सबूतों, रिवॉल्वर, परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी स्थिति
फिलहाल पुलिस ने प्रदीप नारा की मौत के मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाओं को खुला रखा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों का विश्लेषण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदीप नारा की मौत किन परिस्थितियों में हुई।


