चंडीगढ़। धर्म युद्ध मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने गुरप्रीत सिंह खालसा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने श्री आनंदपुर साहिब से जुड़े अमरजीत सिंह चावला पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की। इससे पहले सिख संस्थाओं की ओर से भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले की SIT जांच की मांग की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मामले की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए जल्द SIT का गठन किया जाएगा और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, न्याय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर महिला के साथ हुई घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे अपराधों के दोषियों के प्रति सरकार कोई नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कानून के तहत कड़ी और अनुकरणीय सजा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
SGPC चुनाव जल्द कराने का भरोसा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के चुनावों को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि SGPC चुनाव में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी उचित कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख पंथ और सिख संस्थाओं से जुड़े मामलों का समाधान संवेदनशीलता, गंभीरता और संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार न्याय, समयबद्ध जांच और सिख पंथ से जुड़े मुद्दों के उचित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि धर्म युद्ध मोर्चा के नेताओं के साथ सिख पंथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्री आनंदपुर साहिब मामले की जांच जल्द शुरू कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


