पंजाब: बहरीन की महिला से जुड़े विवाद में पूर्व अकाली नेता रूप कौर संधू ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी कर मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला की बहरीन की महिला के साथ एक तस्वीर सार्वजनिक की है। इसके अलावा, उन्होंने अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा और महिला के बीच बातचीत की ऑडियो जारी करने का भी दावा किया है।
श्री आनंदपुर साहिब की सराय के कमरा नंबर 3 की बताई तस्वीर
रूप कौर संधू के मुताबिक, सार्वजनिक की गई तस्वीर श्री आनंदपुर साहिब स्थित सराय के कमरा नंबर 3 की है। उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीर उन लोगों के सवालों का जवाब है, जो महिला के इस कमरे में जाने की बात से इनकार कर रहे हैं।
संधू ने कहा कि इस मामले से संबंधित उनके पास अन्य सबूत भी हैं और आने वाले समय में वह और खुलासे कर सकती हैं। हालांकि, तस्वीर और ऑडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है।
सबूत नहीं देने की खबरों पर जताई आपत्ति
रूप कौर संधू ने आरोप लगाया कि कुछ लोग झूठ फैलाकर मामले को लेकर गलत विमर्श तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआत से ही उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने मामले से जुड़े सबूत पेश नहीं किए।
संधू के अनुसार, उन्होंने 9 अक्टूबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में एक पत्र सौंपा था। वह मामले से जुड़े गोपनीय सबूत जत्थेदार साहिब को देना चाहती थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसी कारण उन्होंने वे सबूत किसी अन्य व्यक्ति को नहीं सौंपे।
CCTV फुटेज को लेकर भी किया दावा
रूप कौर संधू ने कहा कि सचिवालय की सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि उन्होंने अधिकारियों को फोन पर सबूत दिखाए या सुनाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सबूत नहीं सौंपने संबंधी बयानों से उनका विश्वास कमजोर हुआ है।
संधू ने यह भी दावा किया कि वह सचिवालय के बाहर पत्रकारों से विस्तार से बातचीत करना चाहती थीं, लेकिन टास्क फोर्स ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
आगे और खुलासे करने के संकेत
रूप कौर संधू ने एक बार फिर दावा किया कि बहरीन की महिला के श्री आनंदपुर साहिब की सराय के कमरा नंबर 3 में जाने से संबंधित तस्वीर उनके पास मौजूद है। उन्होंने इस मामले में आगे और जानकारी सार्वजनिक करने के संकेत भी दिए हैं।
फिलहाल, रूप कौर संधू की ओर से लगाए गए आरोपों और जारी किए गए कथित सबूतों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित पक्षों का जवाब और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


