- पंजाब के युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनाने का लक्ष्य
- मेरिट के आधार पर अब तक 70,685 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
- सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष जोर
- पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण युवाओं को विदेशों की ओर जाना पड़ा: मुख्यमंत्री
- पंजाब को बदनाम करने के बजाय गुजरात से नशों की सप्लाई रोकने पर ध्यान दे भाजपा
- आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 14वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित कीं
- एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाड़ियों को किया सम्मानित
कपूरथला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार पैदा करने वाले उद्यमी के रूप में तैयार करना है।
मुख्यमंत्री आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कपूरथला के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का माध्यम है।
70,685 युवाओं को योग्यता के आधार पर मिली नौकरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार अब तक बिना रिश्वत, सिफारिश और भेदभाव के मेरिट के आधार पर 70,685 सरकारी नौकरियां दे चुकी है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं का सरकारी व्यवस्था में विश्वास मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर योग्य युवा को अपनी प्रतिभा साबित करने का उचित अवसर मिले।
उन्होंने पिछली सरकारों पर शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अवसरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाना पड़ा। मौजूदा सरकार ऐसी परिस्थितियां तैयार कर रही है, जिनमें युवा पंजाब में रहकर भी अपने सपने पूरे कर सकें।
सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से पंजाब ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने नीति आयोग के हवाले से कहा कि वर्ष 2022 से पहले पंजाब शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था, जबकि अब राज्य शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं, स्मार्ट क्लासरूम, फर्नीचर और साइंस लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक और नए दौर की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरती तकनीकों को शामिल करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। उन्होंने नीट परीक्षा में सफल हुए सामान्य परिवारों के 882 विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से आगे आ सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति समय पर उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, ताकि आर्थिक कठिनाइयां उनकी उच्च शिक्षा में बाधा न बनें।
युवाओं को उद्यमिता और तकनीकी कौशल अपनाने की अपील
डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नवाचार, व्यावहारिक कौशल और नई सोच भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और विशेषज्ञता का उपयोग पंजाब की तरक्की तथा समाज की भलाई के लिए करने की अपील की।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरकार का काम युवाओं के लिए अवसर और जरूरी सहयोग उपलब्ध करवाना है, लेकिन उन अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ना युवाओं की अपनी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में अपार प्रतिभा है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें ऐसा माहौल मिले, जिसमें वे अपने हुनर का इस्तेमाल करके राज्य के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने, पंजाब के मूल्यों को बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का आह्वान किया।
नशों के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशों के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय पार्टी को नशा तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात तथा देश के अन्य हिस्सों के बंदरगाहों के जरिए नशों की सप्लाई जारी रहने के मामलों पर जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय सभी सरकारों को मिलकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की छवि खराब करने के लिए राज्य को निशाना बनाना उचित नहीं है।
भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाड़ियों का सम्मान
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अनुशासन, समर्पण, कड़ी मेहनत और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पंजाब का हॉकी सहित विभिन्न खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है और राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए पंजाब की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य की खेल संस्कृति, मेहमाननवाजी और आयोजन क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. अरविंद कुमार बंसल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


