मानसा। पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में तनाव बना हुआ है। हत्या के छह दिन बाद भी रविवार तक उनके शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। परिवार और समर्थक सीबीआई जांच की मांग को लेकर मानसा के तिकोनी चौक पर धरने पर बैठे हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर को मानसा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने की घोषणा की है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पंजाब को नशे की समस्या से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए काम किया जाएगा।
मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि मंगलवार, 20 अक्टूबर को वह पंजाब के मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
मानसा में अमित शाह परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलेंगे। वहीं, संगरूर में वह गुलजार के परिवार से मुलाकात करेंगे, जिनकी नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर कथित तौर पर धमकी मिलने के बाद आत्महत्या से मौत हुई थी।
सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा परिवार
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से ही परिवार और उनके समर्थक मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर मानसा के तिकोनी चौक पर लगातार धरना दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अंतिम संस्कार नहीं होने के कारण मामले को लेकर तनाव बना हुआ है।
विधायकों के घरों के बाहर प्रदर्शन करेगी संघर्ष कमेटी
सीबीआई जांच की मांग को लेकर संघर्ष कमेटी ने 19 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पंजाब में विधायकों के घरों के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
इस बीच अमित शाह का पंजाब दौरा भी राजनीतिक और सामाजिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले वह 30 सितंबर को जालंधर आए थे। लगभग 20 दिनों के भीतर पंजाब का यह उनका दूसरा दौरा होगा।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में अब सबकी नजरें गृह मंत्री की पीड़ित परिवार से होने वाली मुलाकात और सीबीआई जांच की मांग पर आगे होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं।


