चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में कुछ नाम केवल एक व्यक्ति नहीं होते। वे अपने आप में एक पूरे राजनीतिक युग का प्रतीक बन जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल ऐसा ही एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की राजनीति को गांव-गांव तक गहराई से प्रभावित किया।
उनकी राजनीतिक शैली और जनसंपर्क की कला आज भी मिसाल मानी जाती है। यही वजह है कि उनके नाम और सम्मान से जुड़ा कोई भी मुद्दा तुरंत एक बड़ा सामूहिक रूप ले लेता है।
राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा के बयान से गरमाया माहौल
पिछले कुछ दिनों से हरियाणा का राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा हुआ है। इसकी वजह भाजपा की राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा का एक कथित बयान है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल पर एक विवादित टिप्पणी की थी।
यह मामला सिर्फ एक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। इस टिप्पणी के बाद चौधरी भजनलाल के बेटे और भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई (Kuldeep Bishnoi) खुलकर सामने आ गए। उनके इस कदम ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी।
पिता के सम्मान के लिए कुलदीप बिश्नोई का तीखा रुख
इस पूरे घटनाक्रम में कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी केवल एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं थी। इसमें अपने पिता की राजनीतिक विरासत और सम्मान के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता साफ दिखाई दी।
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सोशल मीडिया पर वार: उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बेहद तीखे अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
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बड़ा फैसला लेने के संकेत: उनके इस रुख से साफ संकेत मिलने लगे थे कि यह मामला अब आसानी से शांत होने वाला नहीं है।
क्या 3 जून को होने वाला था कोई बड़ा धमाका?
राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान था कि कुलदीप बिश्नोई कोई बहुत बड़ा कदम उठा सकते हैं। वे सांसद रेखा शर्मा और पार्टी के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ोली से काफी खफा थे।
माना जा रहा था कि 3 जून को अपने पिता स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर बिश्नोई कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं। इस संभावित डैमेज को रोकने के लिए भाजपा आलाकमान तुरंत एक्टिव हो गया।
डैमेज कंट्रोल के लिए खुद मैदान में उतरे सीएम सैनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद कमान संभाली। पुण्यतिथि से ठीक तीन दिन पहले सीएम सैनी दिल्ली स्थित कुलदीप बिश्नोई के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बंद कमरे में बातचीत हुई।
इसके बाद आज फिर मुख्यमंत्री सैनी स्वर्गीय भजनलाल को श्रद्धांजलि देने के लिए सीधे आदमपुर पहुंचे। सीएम के इस दौरे को बिश्नोई परिवार को मनाने और डैमेज कंट्रोल के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।