Delhi Services Bill: अब चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ही केजरीवाल की आखिरी उम्मीद

0
54

नेशनल डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने दिल्ली सेवा विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे यह अब एक वैध कानून बन गया है। भारत सरकार ने अधिसूचना जारी की है कि दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2023 को लागू किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने सात अगस्त को संसद में दिल्ली सेवा विधेयक को पारित कर लिया था। राज्यसभा ने 102 के खिलाफ 131 मतों से ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023’ को मंजूरी दी थी, और लोकसभा ने इसे तीन अगस्त को पास कर दिया था।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के प्रमुखन्यायी पंच सदस्यीय संविधान पीठ ने 11 मई को यह फैसला सुनाया था कि दिल्ली में जमीन, पुलिस, और कानून-व्यवस्था के अलावा बाकी प्रशासनिक फैसलों को लेने के लिए दिल्ली सरकार स्वतंत्र होनी चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की भी तैयारी होगी। तथा उपराज्यपाल को इन तीन मुद्दों को छोड़कर दिल्ली सरकार की बाकी फैसलों को मानने का अधिकार होगा।

कोर्ट के फैसले के एक हफ्ते बाद, केंद्र सरकार ने 19 मई को ‘गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली ऑर्डिनेंस, 2023’ को लाया। इससे प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल को वापस मिल गया। इस अध्यादेश के तहत राष्ट्रीय राजधानी सिविल सर्विसेज अथॉरिटी की स्थापना हुई है, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और गृह सचिव भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष रहेंगे और बहुमत के आधार पर प्राधिकरण फैसले लेगा, लेकिन यदि सदस्यों के बीच मतभेद हो, तो उपराज्यपाल का फैसला अंतिम मान्य होगा।

दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, केजरीवाल सरकार ने यह कानून पारित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से आया अधिसूचना का स्वागत किया। संसद विभाग इस समय सत्र की गणना में नहीं था, इसलिए केंद्र सरकार ने अधिसूचना का सही समय का इंतजार नहीं किया और अध्यादेश के माध्यम से इस कानून को पास कर दिया। यह कानून संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद छह महीने के अंदर लागू हो जाएगा।

(आप हमें फ़ेसबुकइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here