असली हैं ‘एलियन’ के शव! मैक्सिको में दिखाई गई लाश को लेकर बड़ा खुलासा

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न्यूज़ डेस्क: मेक्सिको की संसद में एक तथाकथित यूएफओ विशेषज्ञ के द्वारा दिखाया गए दो ‘गैर मानव’ शवों को लेकर नया मोड़ आया है। मैक्सिको सिटी में डॉक्टरों ने इन शवों के नमूनों की जांच के लिए हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। एलियन शवों के एक्स रे-परीक्षण और सीटी स्कैन से खुलासा हुआ है कि इन कथित शवों का निर्माण नहीं किया गया है और न ही इनसे कोई छेड़छाड़ हुई है। इसका परीक्षण करने वाले नौसेना संस्थान के निदेशक जोस डी जीसस जल्से बेनिटेज ने कहा कि इन शवों को न तो जोड़ा गया है और न इनसे हेरफेर हुई है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि वे एक ही कंकाल के हिस्से हैं, जो अन्य टुकड़ों से नहीं जुड़ा है। इससे पहले सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया था कि इन्हें जानवरों या मानव हड्डियों के जरिए कृत्रिम रूप से बनाया गया है। वहीं कई शिक्षाविदों और पुरातत्वविदों का कहा है कि शव ममीकृत मनुष्यों के प्राचीन अवशेष हैं। स्वघोषित एलियन एक्सपर्ट जैमे मौसन पर कथित तौर पर इन्हें चुराने का भी आरोप लगा है। पेरू में इनके मिलने की बात सामने आई थी, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने मौसन के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है।

जैमे मौसन ने पिछले सप्ताह मैक्सिको में यूएफओ पर सुनवाई के दौरान पेरू के कुज्को में एक खदान से दो ममीकृत नमूने प्रस्तुत किए। उनका दावा था कि यह 1000 साल पुराने हैं। इन कथित एलियन शवों का शरीर छोटा और तीन उंगलियों वाला था। उनकी खोपड़ी भी बड़ी थी। मौसन ने शपथ लेते हुए गवाही दी कि इनके पास गैर मानव डीएनए है। हालांकि उनके इस दावे को लेकर लोग दो पक्षों में बंटे हुए हैं। कई अन्य यूएफओ एक्सपर्ट्स इस पर सवाल उठा चुके हैं।

पेरू के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर यह नमूने देश से बाहर कैसे गए। मौसन ने संसद को सुनवाई के दौरान बताया कि ये यूएफओ में नहीं बल्कि एक खदान में मिले हैं। कथित तौर पर शवों का अध्ययन ऑटोनॉमस नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मैक्सिको के वैज्ञानिकों ने किया, जो रेडियोकार्बन डेटिंग का इस्तेमाल कर डीएनए सबूत निकालने में सक्षम थे। इस दौरान पाया गया कि 30 फीसदी डीएनए अज्ञात है और इनमें कुछ स्कैन भी पेश किए गए, जो एक मादा के हैं, जिसके पेट में अंडे हैं।

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