कड़ा पहन कर स्कूल आया हिन्दू छात्र तो शिक्षक शफीक खान ने बुरी तरह पीटा

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इंदौर: हाल ही में छात्रों की पिटाई से जुड़ी तीन घटनाएं सामने आई हैं। एक मुजफ्फरनगर स्कूल (Muzzafarnagar School) में दिव्यांग टीचर के कहने पर मुस्लिम छात्र को सजा, दूसरी कठुआ (Kathua School) में हिंदू छात्र द्वारा बोर्ड में जय श्री राम (Jai Shri Ram) लिखने पर मुस्लिम प्रिंसिपल और टीचर द्वारा बुरी तरह पीटना और तीसरा मामला मध्यप्रदेश के छत्तरपुर (Chhattarpur School) से आया है जहाँ एक स्कूल में एक हिन्दू छात्र को हाथ में कड़ा पहनने के कारण बुरी तरह पीटा गया। आप बताईये किस घटना पर मीडिया हल्ला मचाएगी, किस पर नेता कड़ी निंदा करेंगे और किस पर सरकार कार्रवाई करेगी? जवाब आपको पता है।

अब बात करते हैं छत्तरपुर के घटना की। पिटाई का आरोप दो शिक्षकों पर लगाया गया है, जिन्होंने कड़े को नाले में फेंकने के लिए कहा था। इन दोनों शिक्षकों का नाम शफीक खान और भूपेंद्र वर्मा है। हालांकि स्कूल के प्रिंसिपल को छोड़कर आरोपित शिक्षकों का पक्ष लिया जा रहा है, जिसके बावजूद प्रिंसिपल के पास भी शिकायत थी। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह घटना शनिवार (26 अगस्त, 2023) को हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना छतरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में घटी थी। इस स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ने वाले एक छात्र ने हाथ में कड़ा पहन कर स्कूल आया था। आरोप है कि शिक्षक शफीक खान और भूपेंद्र वर्मा ने उसे कड़ा उतारने के लिए कहा। छात्र ने इसे अपना धार्मिक प्रतीक बताया और उसे उतारने से इनकार किया। इसके परिणामस्वरूप, शिक्षकों ने उसे मारा। इसके बाद, इन शिक्षकों ने जबरदस्ती छात्र के हाथ से कड़ा उतारवाया और उसे नाले में फेंक दिया।

आरोप यह भी है कि दोनों शिक्षकों ने छात्र को मेज पर खड़े होने की भी सजा दी। जब छात्र के परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली, वे स्कूल गए। उन्होंने अपने बेटे की रक्षा की और उसे शिक्षकों से बचाया। बाद में, छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत की। हालांकि शिकायत के बावजूद, प्रिंसिपल ने आरोपित शिक्षकों का समर्थन किया। इसके साथ ही, उन्होंने छात्र को परीक्षा में असफल होने की भी धमकी दी। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने जाँच की प्रक्रिया शुरू की है।

इस घटना की जानकारी के बाद बजरंग दल के सदस्यों ने स्कूल में प्रदर्शन किया और आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बजरंग दल का कहना है कि स्कूल में पहले भी छात्रों को तिलक लगाने और अन्य धार्मिक प्रतीकों के प्रयोग पर रोकटोक होती आई है। वर्तमान में पुलिस ने शिकायत की जाँच की शुरुआत की है।

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