UN on Bharat Row: भारत Vs इंडिया विवाद पर संयुक्त राष्ट्र का आया बड़ा बयान

भारत में देश के नाम को 'इंडिया' से 'भारत' में बदलने पर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच संयुक्त राष्ट्र का अहम बयान आया है कि वे विभिन्न देशों के नामों को बदलने के अनुरोधों पर विचार करता है, जब वे देश इसके लिए आवेदन करते हैं।

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नई दिल्ली: इन दिनों भारत में देश के नाम को बदलने पर विवाद चल रहा है। राजनीतिक पार्टियां इस विवाद में दो दलों में विभाजित हैं, एक इंडिया के पक्ष और दूसरे भारत के पक्ष में (India vs Bharat)। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) के G-20 रात्रिभोज निमंत्रण पत्र में उन्हें ‘इंडिया के राष्ट्रपति’ की बजाय ‘भारत के राष्ट्रपति’ के रूप में संबोधित किया गया। इस विवाद के बीच, संयुक्त राष्ट्र के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र 9United Nations) विभिन्न देशों के नामों को बदलने के अनुरोधों पर तब विचार करता है जब वे देश इसके लिए आवेदन करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार को तुर्की द्वारा पिछले साल अपने देश के नाम को तुर्किये में बदलने का उदाहरण दिया।

फरहान हक ने देश के नाम को बदलने पर सभी रिपोर्टों पर एक सवाल के जवाब में कहा कि ‘इंडिया’ का नाम ‘भारत’ में बदला जा सकता है। उन्होंने तुर्की के मामले में बताया कि उनकी सरकार ने नाम बदलने के लिएआधिकारिक अनुरोध भेजा था। अगर इस तरह का अनुरोध भारत भी भेजता है तो हम उस पर भी विचार करेंगे।

भारत में देश के नाम को बदलने पर विवाद मंगलवार को और भी बढ़ गया जब राष्ट्रपति मुर्मु ने G-20 रात्रिभोज के लिए निमंत्रण भेजा, जिसमें उनके पद को पारंपरिक ‘इंडिया के राष्ट्रपति’ की तरह नहीं, बल्कि ‘भारत के राष्ट्रपति’ के रूप में उल्लेख किया गया था। इसके बाद से विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर देश के नाम को बदलने की योजना बनाने का आरोप लगाया है।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से भारत मुद्दे पर राजनीतिक विवाद से बचने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री का यह मानना है कि भारत देश का प्राचीन नाम है।

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