सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से 183 एनकाउंटर की रिपोर्ट मांगी

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नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार के आने के बाद से अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अभियान छेड़ रखा है। संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान कई स्थानों पर एनकाउंटर (Encounters) भी हुए हैं। इन एनकाउंटर्स में कुल 183 अपराधियों की मौत हो चुकी है। इन मौतों के आंकड़ों पर आपराधिक गिरोहों के पक्ष से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की गई है। दो याचिकाओं, विशाल तिवारी बनाम भारत सरकार और आयशा नूरी बनाम भारत सरकार, के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा गया है।

गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई दानिश अजीम, जिनकी पुलिस की हिरासत में हत्या की थी, के मामले को सिस्टम की कमी के दायरे में रखते हुए 183 एनकाउंटर में मौत के मामले के रिपोर्ट की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रति कुछ पक्ष दावा कर रहे हैं कि यह निर्णय सीएम योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार को दिक्कत में डाल सकता है। हालांकि, सीएम योगी ने कहा है कि वे एक ऑल इंडिया सिस्टम स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो एनकाउंटर्स की जांच के लिए एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेगा।

सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के तहत, न्यायमूर्ति एस आर भट्ट और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य सरकार छह सप्ताह के भीतर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करे, जिसमें पिछले छह वर्षों में हुई सभी एनकाउंटर में हुई मौतों की जांच की स्थिति का विवरण दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि उन मामलों का भी उल्लेख किया जाना चाहिए, जिनमें पिछले सालों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं और मुकदमे की सुनवाई चल रही है।

हालांकि, याचिकाकर्ता विशाल तिवारी ने एनकाउंटर मौतों की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार ने पहले से ही एक न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है और उसके द्वारा मामलों की जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके स्तर पर होने वाली मांग को खारिज कर दिया गया है और कोर्ट खुद ही एनकाउंटर्स की जांच के लिए दिशा-निर्देश तय करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद हुई 183 पुलिस एनकाउंटर मौतों की जांच की प्रगति पर व्यापक हलफनामा मांगा है। उपरोक्त मामलों के संबंध में जारी पिछले दिशा-निर्देशों के अनुपालन की सीमा पर उत्तर प्रदेश राज्य से प्रतिक्रिया मांगी गई है। पीठ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ डीजीपी स्तर के अधिकारी के माध्यम से एक विस्तृत हलफनामा देने की आवश्यकता है, जिसमें हत्या के मामलों के साथ-साथ एनकाउंटर्स की जांच और उनके द्वारा तय किए जाने वाले दिशा-निर्देशों पर भी विचार किया जाए।

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