ENTERTAINMENT DESK : मशहूर संगीतकार जतिन पंडित ने लोकप्रिय गीत ‘आंखों से तूने’ के रीमिक्स संस्करण पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि पुराने और यादगार गीतों के साथ अनावश्यक बदलाव करना उनकी मौलिक खूबसूरती को प्रभावित करता है। एक बातचीत के दौरान जतिन पंडित ने कहा कि किसी क्लासिक गीत को नया रूप देने से पहले उसकी आत्मा और भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने रीमिक्स की तुलना “मोर के पंख में पीला रंग जोड़ने” से करते हुए कहा कि जो चीज पहले से ही सुंदर और संतुलित हो, उसमें बिना जरूरत बदलाव करना सही नहीं लगता।
संगीतकार का मानना है कि पुराने गीतों की लोकप्रियता उनकी धुन, बोल और भावनात्मक जुड़ाव की वजह से होती है। ऐसे में यदि रीमिक्स बनाना ही है, तो उसे इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि मूल रचना की पहचान और गरिमा बनी रहे। जतिन पंडित ने यह भी कहा कि नए संगीत और नए गानों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए क्लासिक गीतों के साथ प्रयोग करना सही तरीका नहीं है। उनके अनुसार, संगीतकारों को नई और मौलिक धुनें बनाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
हाल के वर्षों में कई पुराने हिंदी गानों के रीमिक्स संस्करण रिलीज हुए हैं। इनमें से कुछ को दर्शकों ने पसंद किया, जबकि कई रीमिक्स को मूल गीतों के प्रशंसकों ने आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी बहस के बीच जतिन पंडित का यह बयान भी चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ प्रशंसकों ने जतिन पंडित की बात का समर्थन किया, जबकि कुछ का मानना है कि नए दौर के दर्शकों तक पुराने गीतों को पहुंचाने के लिए रीमिक्स भी एक प्रभावी माध्यम हो सकता है।


