अंबाला सिटी। विदेश जाकर कनाडा में काम करने का सपना एक महिला को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए कथित वीजा एजेंटों ने कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर महिला से 4.60 लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली।
पीड़िता की शिकायत पर अंबाला सिटी थाना पुलिस ने गुरुनानक पुरा काजीवाड़ा निवासी रिम्पी देवी की शिकायत पर आरोपी सचिन खोसला और श्रीनिवास के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई बातचीत
पीड़िता के मुताबिक, दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी बातचीत सचिन खोसला से हुई थी। सचिन ने खुद को प्रोफेशनल वीजा एजेंट बताते हुए उसे कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपी की बातों पर विश्वास करके महिला ने 22 दिसंबर 2025 को 60 हजार रुपये एडवांस के तौर पर ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में उससे और रकम ली गई। 26 दिसंबर को 50 हजार, 27 दिसंबर को 40 हजार और 29 दिसंबर को 14 हजार रुपये लिए गए।
फर्जी ऑफर लेटर भेजकर जीता भरोसा
आरोपियों ने महिला का विश्वास बनाए रखने के लिए जनवरी 2026 में व्हाट्सएप के जरिए कनाडा की एक कंपनी का कथित ऑफर लेटर भेजा। महिला ने उस पर हस्ताक्षर करके वापस भेज दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उससे बैंक स्टेटमेंट सहित कई जरूरी दस्तावेज भी हासिल कर लिए। शिकायत के अनुसार, मार्च 2026 में आरोपियों ने महिला की बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी करवाई, जिससे उसे वीजा प्रक्रिया वास्तविक होने का भरोसा हो गया।
99-99 हजार की तीन किश्तें और लीं
मई 2026 में वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर आरोपियों ने महिला से 99-99 हजार रुपये की तीन और किश्तें वसूल कीं। इसके अलावा पासपोर्ट जमा कराने के नाम पर VFS Global की सर्विस फीस भी जमा करवाई गई।
लगातार पैसे देने के बाद जब महिला ने अपने वीजा और आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर फोन बंद कर दिया। इसके बाद महिला को सोशल मीडिया और कॉलिंग प्लेटफॉर्म पर भी ब्लॉक कर दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश जारी
खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर अंबाला सिटी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया।


