HomeHaryanaकरनाल में निलंबित बिजली निगम अधिकारी की संदिग्ध मौत, कार से मिला...

करनाल में निलंबित बिजली निगम अधिकारी की संदिग्ध मौत, कार से मिला 4 पन्नों का सुसाइड नोट

करनाल। हरियाणा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निलंबित सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर गीतू राम तंवर की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। खास बात यह है कि उनकी मौत उसी दिन हुई, जिस दिन वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनका शव करनाल में एक कार के भीतर मिला। पुलिस को कार से चार पन्नों का कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

घटना के बाद मृतक के परिजनों में रोष है। परिवार ने फिलहाल शव लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। मृतक के भाई और बेटियों की मांग है कि कथित सुसाइड नोट में जिन 12 अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

बेटी को फोन कर कहा- ‘आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं’

परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह गीतू राम तंवर कार लेकर घर से निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने अपनी बेटी को फोन किया। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैं अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं।”

इसके कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिवार को चिंता हुई तो उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। बाद में डीएवी स्कूल के पास खड़ी उनकी कार में गीतू राम तंवर का शव मिला।

परिजनों के अनुसार, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया हो सकता है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

कथित सुसाइड नोट में अधिकारियों पर गंभीर आरोप

पुलिस ने कार से मिले चार पन्नों के कथित सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। बताया जा रहा है कि नोट में एक IAS अधिकारी के अलावा कई XEN, SDO और अन्य विभागीय अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं।

नोट में विभागीय स्तर पर लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किए जाने और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि मृतक को एक साजिश के तहत फंसाया गया और निष्पक्ष जांच के बिना उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया।

पांच महीने पहले वायरल वीडियो मामले में हुए थे निलंबित

गीतू राम तंवर करीब पांच महीने पहले एक एडिटेड वीडियो के वायरल होने से जुड़े विवाद में निलंबित किए गए थे। कथित सुसाइड नोट में उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।

नोट में कथित तौर पर उन्होंने दावा किया कि उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया और बिना निष्पक्ष जांच के उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।

पत्नी के नाम छोड़ा भावुक संदेश

कथित सुसाइड नोट के अंतिम पन्ने पर पत्नी के नाम भी एक भावुक संदेश लिखा होने की बात सामने आई है। इसमें उन्होंने पत्नी से हिम्मत बनाए रखने और संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित तौर पर गलत वीडियो बनाने और उसे वायरल करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। हालांकि, इस संदेश और नोट में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद करनाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कथित सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी की जा रही हैं।

परिजन आरोपित अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस की ओर से परिवार को मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। अब जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों और कथित सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments