चंडीगढ़। शादी के लिए ऑनलाइन रिश्ता तलाश रही 29 वर्षीय पीएचडी छात्रा कथित तौर पर एक ऐसे युवक के जाल में फंस गई, जिसने खुद को कभी आईपीएस अधिकारी तो कभी RAW का एजेंट बताया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शादी का भरोसा देकर युवती से अलग-अलग बहाने बनाकर करीब 30 लाख रुपये की नकदी, सोने के आभूषण, लैपटॉप और अन्य सामान हासिल कर लिया। सेक्टर-19 थाना पुलिस ने आरोपी को रोहतक से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार युवती मूल रूप से पंचकूला की रहने वाली है और पढ़ाई के सिलसिले में चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में रह रही थी। परिवार ने उसके विवाह के लिए शादी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी प्रोफाइल के जरिए रोहतक निवासी अमित नाम के युवक ने उससे संपर्क किया।
खुद को बताया IPS अधिकारी और RAW एजेंट
बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को विशेष बैच का आईपीएस अधिकारी बताया। इसके बाद उसने दावा किया कि वह दिल्ली के टैक्सेशन विभाग में कमिश्नर है और RAW से भी जुड़ा हुआ है। आरोपी ने अपनी कथित सरकारी पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर युवती और उसके परिवार का विश्वास हासिल किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने युवती के परिवार से मुलाकात भी की। परिवार से संपर्क बढ़ने के बाद रिश्ता वास्तविक लगने लगा और युवती का उस पर भरोसा और मजबूत हो गया।
मां की बीमारी का बहाना बनाकर मांगे पैसे
जांच के अनुसार आरोपी ने बाद में अपनी मां की बीमारी और परिवार की आर्थिक परेशानियों का हवाला देकर युवती से आर्थिक मदद मांगनी शुरू कर दी। अलग-अलग मौकों पर युवती से करीब 11.50 लाख रुपये नकद, 6 से 7 तोले सोने के आभूषण, लैपटॉप और अन्य सामान लिया गया।
पुलिस का कहना है कि नकदी, आभूषण और अन्य सामान को मिलाकर कथित ठगी की रकम करीब 30 लाख रुपये तक पहुंच गई। आरोपी ने युवती को हरियाणा सरकार में अपनी पहुंच होने की बात कहते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया था।
RAW का नाम लेकर बैंक खाता खुलवाया
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद को RAW से जुड़ा अधिकारी बताकर युवती को सुरक्षा संबंधी एक कहानी भी सुनाई। उसने कथित तौर पर कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते वह अपने नाम से बैंक खाता नहीं खुलवा सकता।
इसके बाद युवती के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया। आरोप है कि खाते की पासबुक, एटीएम कार्ड और युवती के नाम पर जारी नया सिम कार्ड भी आरोपी अपने पास रखता था। खाते में होने वाले लेनदेन की जानकारी भी उसके पास रहती थी।
संदिग्ध लेनदेन से खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक को खाते में कुछ संदिग्ध लेनदेन नजर आए और बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची।
सेक्टर-19 थाना पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान सामने आई और पुलिस ने उसे रोहतक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।


