नई दिल्ली। अभिनेता कार्तिक आर्यन को मंगलवार को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड उन्होंने मलयालम अभिनेता ममूटी के साथ साझा किया, जिन्हें फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में अभिनय के लिए यह सम्मान मिला।
कार्तिक के लिए ‘चंदू चैंपियन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक रही। देश के पहले पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म में उनका किरदार निभाने के लिए अभिनेता को अपने शरीर के साथ-साथ बॉक्सिंग स्किल्स पर भी काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
14 महीने तक लगातार की ट्रेनिंग
मुरलीकांत पेटकर के किरदार को पर्दे पर प्रभावी ढंग से निभाने के लिए कार्तिक ने करीब 14 महीने तक लगातार ट्रेनिंग ली थी। इस दौरान उनका फोकस सिर्फ फिटनेस और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन पर नहीं था, बल्कि उन्हें बॉक्सर की तकनीक और मूवमेंट भी सीखनी थी।
नेशनल लेवल के बॉक्सर और फिटनेस कोच त्रिदेव पांडे ने कार्तिक के इस ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी मदद की थी। उन्होंने वर्ष 2024 में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान अभिनेता की ट्रेनिंग और तैयारियों से जुड़ी कई जानकारियां साझा की थीं।
90 किलो वजन से शुरू हुई थी तैयारी
त्रिदेव पांडे के मुताबिक, जब कार्तिक ने फिल्म के लिए ट्रेनिंग शुरू की थी, तब उनका वजन करीब 90 किलो था। उन्हें घटाकर 69 से 75 किलो के बीच लाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके साथ ही कार्तिक को बॉक्सर के शरीर और उसकी तकनीक के अनुरूप तैयार करना था।
ट्रेनर के अनुसार, तैयारी का मकसद केवल कार्तिक की बॉडी को बदलना नहीं था। फिल्म में बॉक्सिंग के कई अहम सीन थे, इसलिए अभिनेता को वास्तविक बॉक्सर की तरह मूवमेंट और तकनीक पर भी काम करना पड़ा।
इसके लिए ट्रेनिंग में हैंड-आई कोऑर्डिनेशन पर खास ध्यान दिया गया। यानी पंच करते समय आंखों और हाथों के बीच सही तालमेल विकसित करने की लगातार प्रैक्टिस कराई गई। लंबे समय तक चली इस कड़ी तैयारी का असर फिल्म में कार्तिक के किरदार और उनके बॉक्सिंग सीन्स में भी नजर आया।


