जालंधर: पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा है कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। नशे की तस्करी और इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की ओर से नशे के पूर्ण उन्मूलन के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री मोहिंदर भगत ने जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में विधायक बलकार सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस, एसएसपी जालंधर (ग्रामीण) हरविंदर सिंह विर्क और नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अभियान के तहत अब तक की कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।
भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से 30 अगस्त 2026 तक 58,797 मामले दर्ज किए गए और 76,701 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने 21.99 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की है।
कैबिनेट मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
मोहिंदर भगत ने पुलिस, सिविल प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही नशे के इस अभिशाप को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अभियान को और मजबूत करने तथा नशे की सप्लाई चेन पर लगातार कार्रवाई जारी रखने को कहा।


