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पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ के 4 साल: CM मान ने साझा किया ‘बदलाव का रिपोर्ट कार्ड’

पंजाब शिक्षा सुधार: ‘शानदार चार साल’ के तहत मुख्यमंत्री ने पेश किया ‘शिक्षा क्रांति’ का रिपोर्ट कार्ड

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के अंतर्गत राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए क्रांतिकारी बदलावों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि निरंतर सुधारों के कारण पंजाब के सरकारी स्कूल अब मॉडल संस्थानों में तब्दील हो चुके हैं, जिसके परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।

1. शिक्षा बजट में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री ने शिक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बजट आंकड़ों में भारी बढ़ोतरी साझा की:

  • वर्ष 2021-22: 12,657 करोड़ रुपए।

  • वर्ष 2026-27: 19,279 करोड़ रुपए (पिछले वर्ष से 7% की वृद्धि)।

  • शिक्षा क्रांति का दूसरा चरण: विश्व बैंक के साथ मिलकर ₹3,500 करोड़ के निवेश से शुरू किया जा रहा है।

2. बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने स्कूलों को केवल मिड-डे मील केंद्रों तक सीमित कर दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें निजी स्कूलों के समकक्ष खड़ा कर दिया है।

  • तकनीकी उन्नति: पंजाब देश का एकमात्र राज्य बना है जहाँ सभी सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई उपलब्ध है (बजट: 20 करोड़ रुपए)।

  • जवाबदेही: 1 अप्रैल से अभिभावकों को बच्चों की अनुपस्थिति और शिक्षकों की छुट्टी की सूचना डिजिटल माध्यम से दी जाएगी।

  • सुरक्षा और रखरखाव: स्कूलों के लिए 1,932 कैंपस मैनेजर, 1,323 सुरक्षा गार्ड और 7,876 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई है।

  • शहीदों को सम्मान: 25 सरकारी स्कूलों का नाम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा गया है।

3. छात्रों की उपलब्धियां और नई पहल

पंजाब ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है:

  • NAS-2024: राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

  • प्रतियोगी परीक्षाएं: हाल के वर्षों में सरकारी स्कूलों के 740 विद्यार्थियों ने JEE और 1284 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की।

  • स्कूल ऑफ एमिनेंस: कुल 118 स्कूलों का लक्ष्य, जिनमें से 60 कार्यशील हैं। यहाँ मुफ्त वर्दी और प्रतियोगी परीक्षाओं (CLAT, NEET, JEE) के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।

  • मुफ्त बस सेवा: छात्राओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू की गई है, जिससे 15,500 लड़कियाँ लाभान्वित हो रही हैं।

  • जीरो पेपर लीक: पंजाब ने पिछले चार वर्षों में एक भी पेपर लीक न होने का रिकॉर्ड बनाया है।

4. शिक्षक भर्ती और वैश्विक प्रशिक्षण

शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया है:

  • भर्ती: अप्रैल 2022 से 14,525 नए शिक्षकों की नियुक्ति और 12,316 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया गया।

  • विदेशी प्रशिक्षण: शिक्षकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर (8 बैच) और फिनलैंड (3 बैच) भेजा गया।

  • स्वदेशी प्रशिक्षण: IIM अहमदाबाद में 249 मुख्य शिक्षकों ने लीडरशिप ट्रेनिंग प्राप्त की।

5. नवाचार: बिजनेस ब्लास्टर स्कीम

पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने 11वीं कक्षा में उद्यमिता (Entrepreneurship) को विषय के रूप में पेश किया है।

  • उद्देश्य: छात्रों को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना।

  • सफलता: विद्यार्थियों ने अपने बिजनेस आइडियाज के माध्यम से 70 करोड़ रुपए कमाए हैं।

6. उच्च शिक्षा और पंजाबी भाषा का प्रोत्साहन

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने कई नई नीतियां लागू की हैं:

  • डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी: देश की पहली ‘डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026’ पेश की गई।

  • पंजाबी-फर्स्ट नीति: गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) में ग्रामीण छात्रों के लिए इसे लागू किया गया।

  • भाषा संरक्षण: सरकारी कामकाज में पंजाबी 100% अनिवार्य। पंजाबी साहित्य का डिजिटलीकरण करते हुए 18,550 किताबें और 592 दुर्लभ पांडुलिपियों को ऑनलाइन किया गया है।

  • ई-डिक्शनरी: ‘शब्दमाला’ नामक एंड्रॉइड ऐप लॉन्च किया गया है।

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