चंडीगढ़। देशभर में बार-बार हो रहे पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में पंजाब विधानसभा में पारित निंदा प्रस्ताव के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बहस से भाग रहे हैं और झूठे दावों के जरिए पंजाब को बदनाम करने की संकीर्ण राजनीति कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब में ऐतिहासिक ‘शिक्षा क्रांति’ आई है, जिसके तथ्य और आंकड़े खुद अपनी कहानी बयां करते हैं।
पंजाब की शिक्षा क्रांति और प्रमुख उपलब्धियां
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नीति आयोग की रिपोर्ट में देश में प्रथम स्थान: वर्ष 2020 में पंजाब स्कूल शिक्षा के मामले में देशभर में 27वें स्थान पर था। नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने केरल को पछाड़कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है।
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क्लास 1 से 12 तक AI लागू करने वाला पहला राज्य: पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्य विषय के रूप में लागू किया है। इसके तहत 25,172 स्कूलों के करीब 31.5 लाख विद्यार्थी कवर होंगे। इसका पाठ्यक्रम सिंगापुर, फिनलैंड, यूएई और अमेरिका की शिक्षा प्रणालियों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है।
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NEET-UG 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन: पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्ष 2024 (437 छात्र) की तुलना में इसमें 100% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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बजट में 52% की बढ़ोतरी: शिक्षा बजट को 2021-22 में ₹12,657 करोड़ से बढ़ाकर 2026-27 में ₹19,279 करोड़ किया गया है। इसके अलावा ₹3,500 करोड़ की लागत से ‘शिक्षा क्रांति 2.0’ मिशन और 118 अत्याधुनिक ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए गए हैं।
हरियाणा के टेक्नोलॉजी-बेस्ड नकल सिंडिकेट का पर्दाफाश
शिक्षा मंत्री बैंस ने स्पष्ट किया कि पिछले साड़े चार वर्षों में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। फार्मेसी परीक्षा के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की परीक्षा में हरियाणा से चल रहे एक सिंडिकेट द्वारा अत्याधुनिक मोबाइल, हिडन वायरलेस ईयरपीस जैसे डिजिटल गैजेट्स से नकल कराने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने कहा कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि तकनीक आधारित नकल का मामला था, जिसे पंजाब पुलिस ने तत्परता से बेनकाब किया। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पंजाब पर बयानबाजी करने से पहले अपने राज्य में गिरोहों पर कार्रवाई करने की सलाह दी।
‘जेन-ज़ी’ के आंदोलन को बताया जायज
पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बोलते हुए हरजोत बैंस ने कहा:
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वे स्वयं जंतर-मंतर जाकर छात्रों के बीच बैठे थे और पुलिस कार्रवाई के दौरान भी उनके साथ खड़े रहे।
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हक मांग रहे विद्यार्थियों को ‘राष्ट्रविरोधी’ कहना गलत और निंदनीय है।
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यह देश के युवाओं (Gen-Z) का नीति में बदलाव के लिए लाया गया एक बड़ा आंदोलन है।
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केंद्र सरकार को युवाओं पर अत्याचार करने के बजाय अपनी असफलताओं के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।


