ENTERTAINMENT DESK:अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी चर्चित वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ और फिल्मों में अपने काम के अनुभव को लेकर दिलचस्प बात साझा की है। अभिनेता ने बताया कि OTT पर काम करते समय उनका मूड अक्सर शांत और अपने काम तक सीमित रहने वाला होता था, लेकिन बड़े पर्दे पर फिल्म देखने का अनुभव उनके लिए बिल्कुल अलग है। पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, OTT पर ‘मिर्जापुर’ के दौरान उनका अंदाज कुछ ऐसा था जैसे वह लोगों से कह रहे हों- “मुझे अकेला छोड़ दो, मैं अपना काम कर रहा हूं।” उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रोजेक्ट में लंबे समय तक किरदार के साथ बने रहने का अनुभव अलग होता है।
वहीं, सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों को लेकर अभिनेता का नजरिया ज्यादा उत्साहपूर्ण है। उन्होंने कहा कि थिएटर में दर्शकों के साथ फिल्म देखने का माहौल उन्हें पसंद है और वहां वह पूरी तरह “पार्टी मोड” में आ जाते हैं। पंकज त्रिपाठी ने यह भी बताया कि OTT और थिएटर दोनों माध्यमों की अपनी अलग खूबियां हैं। OTT ने कलाकारों और कहानीकारों को लंबे फॉर्मेट में किरदारों को विस्तार देने का मौका दिया है, जबकि थिएटर में दर्शकों के साथ सामूहिक रूप से फिल्म देखने का अनुभव अलग तरह का उत्साह पैदा करता है।
‘मिर्जापुर’ में कालीन भैया के किरदार से पंकज त्रिपाठी को जबरदस्त लोकप्रियता मिली। उनके संवाद, अभिनय और किरदार का अंदाज आज भी दर्शकों के बीच काफी चर्चित है। हालांकि अभिनेता के लिए थिएटर का अनुभव सिर्फ स्क्रीन पर अभिनय तक सीमित नहीं, बल्कि दर्शकों की लाइव प्रतिक्रिया से भी जुड़ा हुआ है। पंकज त्रिपाठी का यह बयान OTT और थिएटर के बीच बदलते मनोरंजन अनुभव को लेकर उनकी सोच को भी सामने रखता है। उनके फैंस अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आने वाले प्रोजेक्ट्स में अभिनेता किस तरह के नए किरदार लेकर दर्शकों के सामने आते हैं।


