हिसार: हरियाणा और एनसीआर में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। फिलहाल मानसून टर्फ हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से पलवल, नूंह, फरीदाबाद के अलावा यमुनानगर और अंबाला में कुछ स्थानों पर बारिश देखने को मिल रही है। वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से और मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव के बावजूद आने वाले दिनों में हरियाणा-NCR में मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना है।
10 सितंबर तक उमस करेगी परेशान
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 10 सितंबर तक प्रदेश में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर अच्छी बारिश की संभावना कम है।
उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसी अवधि में राजस्थान के ऊपर प्रतिचक्रवात बनने के आसार हैं। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण हरियाणा-NCR में मानसून की गतिविधियां और कमजोर हो सकती हैं।
हालांकि, 15 सितंबर के बाद मौसम के मिजाज में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है और मानसून गतिविधियों में दोबारा तेजी आने की संभावना बन सकती है।
हिसार में सबसे ज्यादा तापमान
प्रदेश में इन दिनों हिसार का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक बना हुआ है। रविवार को हिसार में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री और अंबाला में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। उमस और बारिश की कमजोर गतिविधियों के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
किसानों को सिंचाई की सलाह
बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसान खेतों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई की व्यवस्था करें।


