जालंधर (नकोदर)। पंजाब की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर ‘टुन-टुन’ की आवाज सुनाई देगी। इस दिन मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को सम्मान राशि की अगली किस्त जारी की जाएगी।
नकोदर विधानसभा क्षेत्र के गांव सरिन्ह में बुधवार को आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सरकारी खजाने के पैसे को जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए लोगों तक पहुंचा रही है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले जनता के पैसे का इस्तेमाल अपने खजाने भरने के लिए किया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार पंजाब के विकास और आम लोगों की भलाई के लिए काम कर रही है।
जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
भगवंत मान ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि ये पार्टियां जनता को राहत देने वाली योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे आम परिवारों को मिल रहे लाभ प्रभावित हों।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहती हैं। उनके अनुसार, विपक्षी दल एक साधारण परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे व्यक्ति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
साढ़े चार साल में 70,862 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में योग्यता के आधार पर 70,862 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश, पैसे और राजनीतिक पहुंच के बजाय मेरिट को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि पहले आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवारों के बच्चों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना पूरा करना मुश्किल होता था। अब रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं के बच्चे भी नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।
भगवंत मान के मुताबिक, पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2021 में 80 थी, जो अब बढ़कर 882 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के समय पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, जबकि केंद्र सरकार के आकलन में अब राज्य ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है।
90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के करीब 90 प्रतिशत परिवार मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बिल में बचने वाले पैसे से परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 14 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और सिंचाई नेटवर्क के जरिए खेतों तक 18 हजार क्यूसेक पानी पहुंचाया जा रहा है।
अकाली दल और कांग्रेस पर भी बरसे मुख्यमंत्री
भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी पंजाब में 25 साल तक राज करने का दावा करने वाले नेता आज अपने समर्थकों को जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि पार्टी पंजाब के भविष्य को लेकर ठोस दृष्टिकोण पेश करने के बजाय राजनीतिक जोड़तोड़ और नेतृत्व की लड़ाई में उलझी हुई है।
2027 के चुनाव में जनता करेगी फैसला
आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कामकाज पर अंतिम फैसला जनता अपने वोट के जरिए करेगी। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।


