हरियाणा में 95 साल बाद जातिगत जनगणना: सोमवार से पंचकूला-फरीदाबाद में प्री-टेस्ट

Punjab

हरियाणा में जनगणना (Census) के दूसरे चरण की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। राज्य में इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक और बेहद अलग होने वाली है। साल 1931 के बाद यह पहला मौका होगा जब देश और राज्य में बड़े स्तर पर जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे। आगामी सोमवार से राज्य के दो प्रमुख जिलों—पंचकूला और फरीदाबाद—में इसका ‘प्री-टेस्ट’ (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू होने जा रहा है।

स्मार्टफोन और ई-मेल की जानकारी भी होगी दर्ज

मकानों की नंबरिंग और गणना का काम पूरा होने के बाद अब लोगों का व्यक्तिगत डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस बार की जनगणना के तहत हर व्यक्ति से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें पारंपरिक जानकारियों के अलावा पहली बार लोगों की डिजिटल साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को गहराई से परखा जाएगा।

पूछे जाने वाले प्रमुख विषय:

  • व्यक्तिगत विवरण: जाति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा और वैवाहिक स्थिति।

  • पारिवारिक विवरण: परिवार में सदस्यों और बच्चों की कुल संख्या।

  • डिजिटल साक्षरता: क्या आप स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं? क्या आपको कंप्यूटर चलाना आता है? क्या आप ई-मेल लिखना और भेजना जानते हैं?

प्री-टेस्ट से तय होगी मुख्य जनगणना की रूपरेखा

राज्य के मुख्य जनगणना विभाग के अनुसार, पंचकूला और फरीदाबाद में शुरू हो रहे इस प्री-टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक नागरिक की पूरी जानकारी दर्ज करने में औसतन कितना समय लगता है। इसी अनुभव के आधार पर मुख्य जनगणना के दौरान कर्मचारियों की संख्या और उनकी तैनाती की अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी। इस काम के लिए 42 मास्टर-ट्रेनर शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें 10-10 हजार रुपये का मानदेय (Honorarium) दिया जाएगा।

फुटपाथ और बस अड्डों पर रहने वालों की भी होगी गिनती

इस बार की जनगणना में समावेशी दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसके तहत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बेघर लोगों को भी जोड़ा जाएगा। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, फुटपाथों, बड़े पाइपों और सार्वजनिक स्थानों के नीचे रहने वाले लोगों की गिनती के लिए जनगणना के अंतिम दिन एक विशेष अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए अलग से टीमें मुस्तैद रहेंगी।

गलत जानकारी देना या सहयोग न करना होगा दंडनीय

राज्य के प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. ललित जैन ने बताया कि यदि किसी विशेष क्षेत्र में लोगों से सहयोग नहीं मिलता है या लोग जानकारी देने से कतराते हैं, तो स्थानीय पार्षदों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी। कानूनी चेतावनी: जनगणना में बिल्कुल सही और सटीक जानकारी देना प्रत्येक नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या जानकारी देने से पूरी तरह इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

इन राज्यों में भी शुरू हो रहा है प्री-टेस्ट: हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी दूसरे चरण का यह प्री-टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। इसी के आधार पर अगले वर्ष होने वाले मुख्य जनगणना अभियान का फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *