चंडीगढ़: हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की लगातार बढ़ती नज़दीकियों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच एक बार फिर बैठक हुई है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि हाल के ही कुछ समय के भीतर दोनों नेताओं के बीच यह पांचवीं मुलाकात है।
बार-बार मुलाकातों से बढ़ा चर्चाओं का बाज़ार
हालांकि, अब तक हुई हर मुलाकात के पीछे अलग-अलग कारण या औपचारिक अवसर सामने रखे गए हैं, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सत्ता के गलियारों में ऐसी मुलाकातें महज़ इत्तेफ़ाक या औपचारिकता नहीं होतीं। जब भी मुख्यमंत्री और बिश्नोई एक साथ मंच या बैठक में दिखते हैं, प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चाएँ तेज़ हो जाती हैं।
बीजेपी के भीतर नया समीकरण?
राजनीतिक कूटनीति के जानकारों के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ कुलदीप बिश्नोई की यह बार-बार की मुलाकात भाजपा के आंतरिक राजनीतिक ताने-बाने के लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है।
संयोग या भविष्य की बड़ी रणनीति?
बहाना चाहे जो भी हो, लगातार हो रही इन मुलाकातों ने हरियाणा की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह केवल सामान्य शिष्टाचार भेट है? या फिर आने वाले समय में बिश्नोई के लिए किसी बड़ी भूमिका या राजनीतिक संदेश की पटकथा लिखी जा रही है? फिलहाल, इस पांचवीं मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में अटकलों का बाज़ार एक बार फिर गर्म कर दिया है।


