मेरिनो ने रचा इतिहास, स्पेन ने बेल्जियम को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

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SPORTS DESK :फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। मैच के हीरो रहे मिकेल मेरिनो, जिन्होंने 88वें मिनट में विजयी गोल दागकर स्पेन को जीत दिलाई। इस जीत के साथ स्पेन अब सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ेगा। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन के लिए फैबियन रुइज़ ने 30वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, बेल्जियम ने हार नहीं मानी और 41वें मिनट में चार्ल्स डी केटेलारे ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी स्पेन के सुपर सब मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। मेरिनो का यह गोल विश्व कप नॉकआउट इतिहास में भी खास बन गया।

वह फीफा विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने बतौर सब्स्टीट्यूट नॉकआउट मुकाबलों में दो बार मैच जिताने वाले गोल किए हैं। इतना ही नहीं, पिछले 60 वर्षों में वह पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व कप नॉकआउट मैचों में 87वें मिनट के बाद दो विजयी गोल दागे हैं। स्पेन की जीत में युवा खिलाड़ियों ने भी इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय लामिन यामाल विश्व कप में 18 वर्ष या उससे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में सबसे ज्यादा छह मैच खेलने वाले पहले फुटबॉलर बन गए। वहीं लामिन यामाल और पाउ कुबार्सी 1958 के बाद विश्व कप क्वार्टर फाइनल में एक साथ खेलने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बने। इससे पहले यह उपलब्धि ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले और जोसे अल्ताफिनी ने हासिल की थी।

इस जीत के साथ स्पेन ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। टीम विश्व कप इतिहास में केवल दूसरी बार सेमीफाइनल में पहुंची है। इसके अलावा स्पेन सभी प्रतियोगिताओं में लगातार 36 मैचों से अजेय है, जो टीम का नया रिकॉर्ड है। विश्व कप नॉकआउट मुकाबलों में भी स्पेन पिछले नौ मैचों से अपराजित है। दूसरी ओर, बेल्जियम को चोटों का भी नुकसान उठाना पड़ा। मैच के दौरान अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कोर्टुआ मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान छोड़ने पर मजबूर हो गए, जबकि मिडफील्डर यूरी टिलेमंस भी मैच शुरू होने से पहले चोटिल हो गए थे। इन परिस्थितियों के बावजूद बेल्जियम ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन अंत में मेरिनो के गोल ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें सेमीफाइनल पर होंगी, जहां स्पेन और फ्रांस के बीच खिताबी दौड़ का एक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा।

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