SPORTS DESK : फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने क्लब फुटबॉल को लेकर उठ रही आलोचनाओं के बीच स्पष्ट किया है कि दुनिया में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और यह कहना गलत होगा कि खेल अपनी चमक खो रहा है। उन्होंने कहा कि फीफा का लक्ष्य अधिक से अधिक देशों और खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका देना है, इसलिए वैश्विक प्रतियोगिताओं के विस्तार की योजना जारी रहेगी। इन्फैन्टिनो ने हाल ही में संपन्न क्लब विश्व कप को सफल बताते हुए कहा कि टूर्नामेंट में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से प्रशंसकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। उनके अनुसार, प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि क्लब फुटबॉल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों की बड़ी रुचि मौजूद है।
हालांकि, यूरोपीय फुटबॉल संस्था यूईएफए और उत्तरी एवं मध्य अमेरिकी संगठन कॉनकाकाफ ने टूर्नामेंट के बढ़ते आकार और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को लेकर अपनी चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते मैच खिलाड़ियों पर अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक दबाव डाल सकते हैं। इन आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इन्फैन्टिनो ने कहा कि फीफा खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और प्रतियोगिताओं के संतुलन को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में कैलेंडर तैयार करते समय सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी, ताकि खेल की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की फिटनेस दोनों सुरक्षित रहें।
फीफा प्रमुख ने यह भी कहा कि छोटे फुटबॉल देशों को बड़े टूर्नामेंटों में अधिक अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, यदि वैश्विक स्तर पर फुटबॉल का विकास करना है तो केवल पारंपरिक ताकतवर देशों तक ही अवसर सीमित नहीं रहने चाहिए। नए देशों और क्लबों को मंच मिलने से खेल का दायरा और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगे। फिलहाल फीफा अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने के संकेत दे चुका है, जबकि विभिन्न फुटबॉल संगठनों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक फुटबॉल कैलेंडर और टूर्नामेंटों के स्वरूप को लेकर क्या अंतिम सहमति बनती है।


