SPORTS DESK : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन बेहद मामूली अंतर से पदक में नहीं बदल सका। कड़ी टक्कर वाले मुकाबले में वह कुल वजन में सिर्फ एक किलोग्राम से पीछे रह गए और स्वर्णिम अंत का उनका सपना अधूरा रह गया। पूरे मुकाबले के दौरान लवप्रीत ने आत्मविश्वास के साथ अपने सभी प्रयास किए और पदक की दौड़ में अंत तक बने रहे। हालांकि अंतिम लिफ्ट के बाद कुल वजन में वह शीर्ष स्थान से केवल एक किलो पीछे रह गए। यह मामूली अंतर उनके लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। लवप्रीत ने प्रतियोगिता के बाद कहा कि उन्होंने अपनी ओर से पूरी मेहनत की और हर प्रयास में सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने माना कि परिणाम उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन यह अनुभव उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए और मजबूत बनाएगा।
कोचिंग स्टाफ ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा में शानदार जुझारूपन दिखाया। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में इस स्तर का प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि एक किलो का अंतर वेटलिफ्टिंग जैसे खेल में बहुत बड़ा फर्क पैदा कर सकता है। बावजूद इसके, लवप्रीत ने जिस तरह दबाव में मुकाबला किया, उसने भारतीय दल के लिए उम्मीदें बढ़ाई हैं। हालांकि लवप्रीत पदक जीतने से चूक गए, लेकिन उनके संघर्ष और प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि वह आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख वेटलिफ्टरों में शामिल हो सकते हैं। अब उनकी नजरें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर इस अधूरे सपने को पूरा करने पर होंगी।


