SPORTS DESK : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। भारतीय बॉक्सिंग टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम 10 पदक सुनिश्चित कर लिए हैं। इसके साथ ही भारत ने बर्मिंघम 2022 में बने अपने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। भारतीय मुक्केबाज़ों ने शुरुआती दौर से ही शानदार खेल दिखाया और एक के बाद एक मुकाबले जीतकर पदक की दौड़ में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए विरोधियों को कड़ी चुनौती दी।
इस उपलब्धि के साथ भारतीय बॉक्सिंग दल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। पिछले संस्करण की तुलना में इस बार अधिक मुक्केबाज़ अंतिम चार में पहुंचे हैं, जिससे भारत के लिए स्वर्ण पदकों की उम्मीद भी बढ़ गई है। कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के अनुशासन, फिटनेस और आक्रामक रणनीति की सराहना की। उनका कहना है कि टीम ने लंबे समय तक इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी की थी और अब उसका परिणाम मैदान पर दिखाई दे रहा है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय मुक्केबाज़ों का यह प्रदर्शन देश में बॉक्सिंग के लगातार बढ़ते स्तर का प्रमाण है। यदि खिलाड़ी इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो भारत इस बार बॉक्सिंग में अपना सबसे सफल कॉमनवेल्थ अभियान दर्ज कर सकता है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें फाइनल मुकाबलों पर हैं। सभी को उम्मीद है कि सेमीफाइनल में पहुंच चुके खिलाड़ी पदक का रंग बदलते हुए भारत की झोली में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक डालेंगे।


