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पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण का डोर-टू-डोर सर्वे पूरा: 20.66 लाख मतदाता नहीं मिले, 5.74 लाख मृतकों के नाम अब भी लिस्ट में

चंडीगढ़: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR)-2026 का घर-घर (डोर-टू-डोर) गणना चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस दौरान हुए व्यापक सर्वे में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राज्य के 20 लाख 66 हजार से अधिक मतदाता अपने पते पर नहीं मिले हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो पंजाब छोड़कर स्थायी रूप से दूसरी जगह बस गए हैं या जिनके नाम दो जगहों पर दर्ज हैं।

2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का हुआ सत्यापन

पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस अभियान के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 25 जून से 3 अगस्त तक चले इस विशेष अभियान में राज्य के सभी 23 जिलों और 117 विधानसभा क्षेत्रों के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 043 पंजीकृत मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया गया।

  • जमा हुए फॉर्म: 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 408 मतदाताओं के गणना फॉर्म (Enumeration Forms) सफलतापूर्वक प्राप्त हो चुके हैं।

  • लापता/अनुपलब्ध मतदाता: 20 लाख 66 हजार 635 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके, जो कि कुल पंजीकृत मतदाताओं का 9.63 प्रतिशत है।

सर्वे के मुख्य आंकड़े (Data Highlights):

  • मृत मतदाता: सर्वे में 5 लाख 74 हजार 568 (2.68%) ऐसे मतदाता पाए गए जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब भी सूची में दर्ज थे।

  • स्थानांतरित (Shifted) मतदाता: 9 लाख 44 हजार 131 मतदाता स्थायी रूप से पंजाब से बाहर या किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं।

  • ट्रेस न हो सके मतदाता: 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं का कोई सुराग नहीं मिल सका।

  • डबल वोट (Duplicate Voters): 1 लाख 19 हजार 145 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज हैं।

अभियान का मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक टीम

मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी, मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान कर केवल वास्तविक और योग्य मतदाताओं को ही अंतिम सूची में शामिल रखना है, ताकि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी हो सकें।

विशाल प्रशासनिक ढांचा: इस वृहद अभियान को अंजाम देने के लिए जमीनी स्तर पर एक बड़ी टीम तैनात की गई थी:

  • 23 जिला चुनाव अधिकारी (DEOs)

  • 117 ईआरओ (EROs) और 234 एईआरओ (AEROs)

  • 2,501 सुपरवाइजर

  • 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (BLOs)

  • 87,966 विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLAs)

अनिंदिता मित्रा ने इस जटिल प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए चुनाव अमले, बीएलओ, राजनीतिक दलों और राज्य के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

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