पंचकूला: पंचकूला में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने कथित तौर पर एक जिप फाइल के जरिए कंपनी के सिस्टम को निशाना बनाया और बाद में फर्जी WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर कंपनी की अकाउंटेंट को रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अकाउंटेंट ने कंपनी के अधिकारी का संदेश समझकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3.16 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का खुलासा उस समय हुआ, जब असली विजय चिलानी ने फोन कर बताया कि उन्होंने किसी भी तरह के पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं दिए थे। मामले में विजय चिलानी की पत्नी दिशा अरोड़ा ने साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
‘श्री श्यामजी स्टील’ के नाम से भेजी गई थी जिप फाइल
शिकायत के मुताबिक, पंचकूला के स्वास्तिक विहार, एमडीसी सेक्टर-5 में RS कंस्ट्रक्शन कंपनी का शाखा कार्यालय है। कंपनी रेलवे ब्रिज निर्माण से संबंधित सरकारी ठेके लेती है। कार्यालय में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत एकता के लैपटॉप पर विजय चिलानी के नाम से WhatsApp अकाउंट इस्तेमाल किया जाता था।
6 अगस्त को कंपनी को ‘श्री श्यामजी स्टील’ के नाम से एक जिप फाइल भेजी गई। अकाउंटेंट ने इसे सामान्य कारोबारी दस्तावेज समझकर अपने लैपटॉप में डाउनलोड कर लिया। आरोप है कि इसी फाइल के जरिए साइबर ठगों ने कंपनी के सिस्टम और WhatsApp को निशाना बनाया और आगे ठगी की पूरी योजना को अंजाम दिया।
दूसरे नंबर से आया विजय चिलानी के नाम से मैसेज
अगले दिन अकाउंटेंट के WhatsApp पर विजय चिलानी के नाम से एक अन्य मोबाइल नंबर से संदेश आया। अकाउंटेंट को इस पर कोई शक नहीं हुआ और उसने संदेश भेजने वाले को कंपनी का अधिकारी ही समझा।
ठगों ने पहले कंपनी के बैंक खातों में उपलब्ध रकम की जानकारी मांगी। इसके बाद अकाउंटेंट को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के अनुसार, अकाउंटेंट ने पहले 80 लाख रुपये, फिर 30 लाख रुपये, इसके बाद 1 करोड़ रुपये और अंत में 1.06 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 3.16 करोड़ रुपये ठगों के बताए बैंक खातों में पहुंच गए।
असली अधिकारी के फोन से हुआ साइबर ठगी का खुलासा
ठगी का पता तब चला, जब असली विजय चिलानी ने अपने वास्तविक मोबाइल नंबर से फोन किया। उन्होंने कंपनी को बताया कि उन्होंने किसी भी तरह के लेनदेन के लिए कोई निर्देश नहीं दिया था।
इसके बाद कंपनी के अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी हुई और उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी।
जिप फाइल से सिस्टम में कैसे लगाई सेंध, जांच में जुटी पुलिस
साइबर क्राइम पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिप फाइल के जरिए कंपनी के सिस्टम में किस तरह सेंध लगाई गई, फर्जी WhatsApp अकाउंट कैसे तैयार और इस्तेमाल किया गया और 3.16 करोड़ रुपये किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस ठगी में शामिल आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ रकम की ट्रेल का भी पता लगा रही है।


