करनाल : हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को रफ्तार देने और राज्य को देश का प्रमुख औद्योगिक व निर्यात केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में ‘हरियाणा प्रोग्रेसिव MSME एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ का विमोचन किया।
इस नई नीति में ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ‘मेक इन हरियाणा’ पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य MSME क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीनतम तकनीक, कौशल विकास और वैश्विक बाजार तक पहुंच को मजबूत बनाना है।
हर जिले की बनेगी विशिष्ट औद्योगिक पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अपनी विकास यात्रा के सातवें दशक में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा:
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स्थानीय स्तर पर रोजगार: उद्योग केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर राज्य के हर जिले और क्षेत्र तक पहुंचेंगे। स्थानीय संसाधनों और प्रतिभा का उपयोग कर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
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अनुकूल कारोबारी माहौल: सरकार ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिससे उद्यमियों को व्यापार शुरू करने, उसका विस्तार करने और नए बाजारों तक पहुंचने में सुगमता हो।
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इनोवेशन और विश्वास का केंद्र: हरियाणा केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, रोजगार और विश्वास की राजधानी बनेगा।
MSME निदेशालय का गठन और ‘ग्रीन इन्वेस्टमेंट फंड’ की शुरुआत
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विशेष निदेशालय: उद्योगों की सहायता और नीति के सुगम क्रियान्वयन के लिए पृथक MSME निदेशालय का गठन किया गया है।
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पर्यावरण अनुकूल पहल: नई नीति में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। ग्रीन इन्वेस्टमेंट फंड के माध्यम से उद्योगों में हरित तकनीकों और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
वैश्विक स्तर पर हरियाणा के उत्पादों को मिलेगी पहचान: मंत्री राव नरबीर सिंह
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि MSME क्षेत्र आर्थिक विकास की मुख्य रीढ़ है। उन्होंने उद्यमियों से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया ताकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में हरियाणा के उत्पादों की मांग और साख बढ़े। साथ ही, उन्होंने उत्पादन व पैकेजिंग में इको-फ्रेंडली सामग्री के उपयोग पर बल दिया।
निवेश के लिए सर्वोत्तम विकल्प है हरियाणा: विधानसभा अध्यक्ष
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से तीन तरफ से घिरा होने के कारण हरियाणा में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यह नीति नए निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ पहले से स्थापित उद्योगों के विस्तार में भी मील का पत्थर साबित होगी।
प्रदर्शनी और कॉफी टेबल बुक का अनावरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीति दस्तावेज और एक विशेष कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। इसके अलावा, हरियाणा के MSME द्वारा विकसित आधुनिक तकनीकों, उत्कृष्ट उत्पादों और सफलता की गाथाओं पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, लघु एवं मध्यम निदेशालय के महानिदेशक यश गर्ग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निर्यातक उपस्थित रहे।


