चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में बिजली निगमों के लिए 26,161 ट्रांसफार्मर खरीदने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही बिजली के फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 5,000 से 7,500 टी एंड पी (टूल्स एंड प्रोटेक्शन) किट खरीदने का निर्णय भी लिया गया।
सरकार के मुताबिक, इन सुरक्षा किटों में 14 अलग-अलग तरह के सुरक्षा उपकरण शामिल होंगे। लाइनमैन और सहायक लाइनमैन जैसे कर्मचारियों को काम के दौरान बेहतर सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह खरीद की जा रही है।
अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर खरीदे जाएंगे
बिजली व्यवस्था की जरूरत के अनुसार अलग-अलग निगमों के लिए विभिन्न क्षमता वाले ट्रांसफार्मर खरीदने का फैसला हुआ है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के लिए 400 केवीए क्षमता वाले 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर खरीदे जाएंगे।
वहीं हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के लिए 40/50 एमवीए क्षमता के 132/33 केवी के 28 पावर ट्रांसफार्मर और 25/33.5 एमवीए क्षमता के 66/11 केवी के 33 पावर ट्रांसफार्मर खरीदे जाएंगे।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के लिए सबसे अधिक 26,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर खरीदने की मंजूरी दी गई है। प्रत्येक ट्रांसफार्मर की क्षमता 100 केवीए होगी।
खराबी आने पर जल्द बहाल हो सकेगी बिजली
सरकार का मानना है कि पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध होने से बिजली व्यवस्था में खराबी आने की स्थिति में आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा अचानक बिजली की मांग बढ़ने या किसी आपात स्थिति में निगमों के पास पर्याप्त बैकअप भी मौजूद रहेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अधिक संसाधनों की जरूरत है, वहां पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए बिजली निगमों का बैकअप मजबूत रखने पर भी जोर दिया।
81 करोड़ रुपये से आधुनिक होगा बिजलीघरों का ढांचा
बैठक में बिजलीघरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने से जुड़ा फैसला भी लिया गया। हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी ने प्रदेश के विभिन्न बिजलीघरों में करीब 81 करोड़ रुपये की लागत से जीआईएस-बे (Gas Insulated Switchgear Bay) तैयार करने की मंजूरी दी है।
इस परियोजना से बिजलीघरों के ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक बनाने और उसकी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खरीद प्रक्रिया में कम दरों पर जोर
बैठक में ट्रांसफार्मर, सुरक्षा किट और जीआईएस-बे से जुड़े कार्यों की खरीद को लेकर कंपनियों के साथ दरों पर चर्चा भी की गई। मुख्यमंत्री ने खरीद प्रक्रिया में बातचीत के जरिए निर्धारित दरों से कम कीमत पर काम कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही बिजली व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा समेत ऊर्जा विभाग और बिजली निगमों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


