Punjab Desk: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुम्मण ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। घुम्मण ने मजीठिया की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा, निराधार और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
नोटिस में मांग की गई है कि बिक्रम मजीठिया सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रकाशित संबंधित पोस्ट, वीडियो और दूसरी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाएं। इसके साथ ही उनसे बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने, अपने कथित बयानों को वापस लेने और भविष्य में इस तरह के आरोप दोबारा नहीं लगाने की लिखित प्रतिबद्धता देने को कहा गया है।
नोटिस के मुताबिक, घुम्मण ने मजीठिया से विवादित सामग्री को हटाने के साथ-साथ स्पष्ट जवाब और सुधार जारी करने की मांग भी की है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी सामग्री के लगातार प्रसारित होने से नुकसान बढ़ता जा रहा है। हर नए पब्लिकेशन, व्यू, शेयर, रिकमेंडेशन और रीपोस्ट के साथ कथित नुकसान और बढ़ने की बात नोटिस में कही गई है।
घुम्मण ने चेतावनी दी है कि यदि मजीठिया निर्धारित समय में आरोप वापस लेकर सार्वजनिक माफी नहीं मांगते और संबंधित सामग्री नहीं हटाते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि आगे की कानूनी कार्रवाई से होने वाले खर्च और परिणाम के लिए मजीठिया स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यह कानूनी नोटिस उस चुनौती के दो दिन बाद भेजा गया है, जिसमें राजबीर सिंह घुम्मण ने मजीठिया से उनके आरोपों के समर्थन में सबूत सार्वजनिक करने या फिर माफी मांगने को कहा था। 19 अगस्त को घुम्मण ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मजीठिया को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनके पास घुम्मण की किसी व्यक्ति से पैसे मांगने संबंधी कोई चैट या अन्य सबूत है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
घुम्मण ने उस समय कहा था कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें साबित करने के लिए सबूत जरूरी हैं। उन्होंने मजीठिया पर राजनीतिक कारणों से झूठे आरोप लगाने और चरित्र हनन का सहारा लेने का आरोप भी लगाया था।
घुम्मण ने यह भी दावा किया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के हित में ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने मजीठिया को सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने की चुनौती देते हुए कहा था कि राजनीतिक आरोपों के बजाय सरकार के काम पर बात की जानी चाहिए।
अब मानहानि नोटिस के जरिए घुम्मण ने अपनी मांगों को औपचारिक रूप से दोहराया है। उन्होंने मजीठिया से आरोप वापस लेने, संबंधित सामग्री हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसे आरोप नहीं दोहराने का लिखित आश्वासन देने को कहा है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


