रोहतक। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को 21 दिन के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई है। वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है और पैरोल मिलने के बाद सीधे सिरसा जाने की जानकारी है।
इससे पहले मई 2026 में भी राम रहीम को 23 दिन की पैरोल मिली थी। अब एक बार फिर पैरोल मिलने के बाद वह कुछ समय जेल से बाहर रहेगा।
दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में मिली 20 साल की सजा
गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया था। इसके तीन दिन बाद, 28 अगस्त 2017 को अदालत ने दोनों मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इस तरह उसे कुल 20 साल के कारावास की सजा मिली।
राम रहीम को बाद में डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद में उच्च न्यायालय ने इन दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया।
पैरोल की अवधि को लेकर क्या है नियम?
जेल नियमों के मुताबिक पात्र दोषियों को निर्धारित शर्तों के तहत पैरोल दी जा सकती है। पैरोल के दौरान जेल से बाहर बिताया गया समय सामान्य तौर पर सजा की अवधि में शामिल नहीं किया जाता।
वहीं, 10 साल से अधिक की सजा वाले दोषियों के लिए अलग से कुछ अवधि की पैरोल का प्रावधान भी है, जिसे नियमों के अनुसार कारावास की अवधि में शामिल किया जा सकता है। राम रहीम को मिली मौजूदा 21 दिन की पैरोल इसी व्यवस्था के तहत दी गई है।


