जालंधर: जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां दिशा कमेटी की बैठक को लेकर उन्होंने अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए और पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। बैठक में डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के मौजूद न होने पर चन्नी ने कड़ी नाराजगी जताई।
चन्नी ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठक केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए होती है। सांसद के तौर पर वह अधिकारियों के साथ केंद्र की योजनाओं और जिले के विकास कार्यों को लेकर चर्चा करने पहुंचे थे, लेकिन दोनों प्रमुख अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि DC और CP किसी काम के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं।
सांसद ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण बैठक थी, लेकिन इसमें वरिष्ठ अधिकारियों की जगह छोटे अधिकारियों को भेज दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोमवार को दोबारा होने वाली बैठक में भी अधिकारी शामिल नहीं हुए तो वह पूरे मामले की शिकायत लोकसभा स्पीकर से करेंगे।
शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
चन्नी ने जालंधर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सफाई कर्मचारी परेशान होकर हड़ताल पर चले गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सफाई का ठेका अगले आठ साल के लिए करीब 608 करोड़ रुपये में बाहरी कंपनी को दिया गया है, लेकिन अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। चन्नी ने आरोप लगाया कि दिल्ली की कंपनियों को पंजाब में ठेके दिए जा रहे हैं।
9 विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों पर उठाए सवाल
चन्नी ने जालंधर के नौ विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वेस्ट हलके में कई इलाकों में लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा और सीवरेज की निकासी की समस्या बनी हुई है। दो ट्यूबवेल लगाने के लिए पैसे मंजूर होने के बावजूद जगह उपलब्ध नहीं करवाई जा रही।
उन्होंने कहा कि आदमपुर में सड़क और ओवरब्रिज के लिए केंद्र से फंड मंजूर करवाए गए हैं, लेकिन काम पूरा नहीं हो रहा। कई जगहों पर सड़कें बनाने का काम तो शुरू किया गया है, लेकिन पानी की निकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया।
चन्नी ने कहा कि शहर का कूड़ा डंप भर चुका है और इसके निपटारे की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कैंट क्षेत्र में भी कूड़े के डंप को लेकर हालात खराब हैं। जगह-जगह पानी जमा होने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
कर्मचारियों और पेंशन को लेकर भी सरकार को घेरा
चन्नी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के पास कर्मचारियों को डीए देने और पेंशन का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। गांवों के विकास के लिए भी पर्याप्त फंड जारी नहीं किए जा रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और यूनियनों को अपनी मांगों के लिए लगातार सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद पंजाब में धरने-प्रदर्शन नहीं होंगे, लेकिन आज जगह-जगह कर्मचारी और अन्य संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
CM भगवंत मान पर भी साधा निशाना
चन्नी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “मुख्यमंत्री का घर भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाए, इससे ज्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती।”
चन्नी ने कहा कि यह बात वह खुद नहीं कह रहे, बल्कि हाईकोर्ट की टिप्पणियों में भी ऐसे मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने सरकार पर हजारों करोड़ रुपये की रेत से जुड़े कथित घोटाले और एक रेप केस में कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये लिए जाने के आरोपों को लेकर भी निशाना साधा।
चन्नी ने कहा कि पंजाब सरकार को विकास, सफाई, कर्मचारियों के भुगतान और जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों की गैरहाजिरी को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि अगर अगली बैठक में भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो वह इस संबंध में लोकसभा स्पीकर को लिखित शिकायत देंगे।


