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सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘द वन’ की कहानी है बेहद रहस्यमयी, 16वीं सदी के ‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ा है कनेक्शन

नई दिल्ली: सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘द वन- फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का टीजर जारी किया, जिसमें सिद्धार्थ और तमन्ना रहस्य, लोककथाओं और अलौकिक शक्तियों से भरी एक अनोखी दुनिया में दिखाई देते हैं।

बालाजी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनी यह फिल्म भारतीय लोककथाओं और फैंटेसी की ऐसी दुनिया पेश करने वाली है, जिसे बड़े पर्दे पर कम ही देखने को मिलता है। फिल्म की कहानी में प्राचीन मान्यताओं, रहस्यमयी घटनाओं और अलौकिक शक्तियों का अहम रोल है। अब फिल्म के मेकर्स ने खुलासा किया है कि इसकी कहानी बिहार के एक प्राचीन मंदिर से जुड़ी सच्ची लोककथा से प्रेरित है।

‘वन देवी मंदिर’ से मिली फिल्म की कहानी की प्रेरणा

‘द वन’ का निर्देशन ‘पंचायत’ फेम दीपक मिश्रा ने किया है, जबकि टीवीएफ के अरुणाभ कुमार और एकता कपूर इसके निर्माता हैं। फिल्म की कहानी अरुणाभ कुमार ने लिखी है।

अरुणाभ कुमार और दीपक मिश्रा ने एक इंटरव्यू में फिल्म की कहानी से जुड़ी कई अहम बातें साझा कीं। अरुणाभ कुमार ने बताया कि फिल्म का आइडिया पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथाओं से आया।

अरुणाभ के मुताबिक, उन्होंने इस मंदिर में जाने वाले लोगों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और पुजारियों से बातचीत की। मंदिर से जुड़ी रहस्यमयी कहानियों और मान्यताओं ने उनकी दिलचस्पी बढ़ा दी। इसी दौरान उन्हें लगा कि इस कहानी को बड़े पर्दे पर एक अनोखे सिनेमाई अनुभव के रूप में पेश किया जा सकता है।

16वीं सदी में बनाया गया था मंदिर

अरुणाभ कुमार ने बताया कि वन देवी मंदिर करीब 16वीं सदी का माना जाता है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के बीच इस मंदिर और आसपास के जंगल को लेकर कई लोककथाएं प्रचलित हैं।

इन मान्यताओं के अनुसार, जंगल में कुछ ऐसी शक्तियां मौजूद थीं, जो लोगों को परेशान करती थीं। यही वजह बताई जाती है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में जाने पर पाबंदी थी। अरुणाभ कुमार ने स्थानीय पुजारियों और ग्रामीणों से बातचीत के दौरान इन कहानियों के बारे में जानकारी हासिल की।

उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उन्होंने दीपक मिश्रा के साथ इस कहानी को साझा किया था। दोनों को यह विषय बेहद रोमांचक लगा और इसके बाद उन्होंने इसे फिल्म का रूप देने के बारे में सोचा। कहानी एकता कपूर तक पहुंची तो उन्हें भी लगा कि यह विषय बड़े पर्दे के लिए उपयुक्त है।

स्पेशल इफेक्ट्स और एनिमेशन से बनाई गई रहस्यमयी दुनिया

दीपक मिश्रा के लिए इस कहानी को फिल्म में बदलना आसान नहीं था। निर्देशक ने बताया कि फिल्म की दुनिया सामान्य शूटिंग के जरिए तैयार नहीं की जा सकती थी। इसलिए इसमें तकनीक, स्पेशल इफेक्ट्स और एनिमेशन का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है।

फिल्म के टीजर में भी इसका असर दिखाई देता है, जहां दर्शकों को जंगल, रहस्यमयी शक्तियों और लोककथाओं से जुड़ी एक अलग दुनिया देखने को मिलती है।

25 सितंबर को रिलीज होगी ‘द वन’

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर ‘द वन- फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, अजय राजू और अनूप सोनी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

क्या है वन देवी मंदिर की कहानी?

वन देवी मंदिर बिहार के पटना जिले में बिहटा के पास अमहारा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमा पर स्थित बताया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह करीब 350 से 400 साल पुराना सिद्धपीठ है। पटना से इसकी दूरी करीब 35 किलोमीटर बताई जाती है।

हरे-भरे और शांत वातावरण के बीच स्थित इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां देवी दुर्गा की पारंपरिक प्रतिमा नहीं है, बल्कि एक पवित्र पिंड स्थापित है, जिसे देवी का स्वरूप माना जाता है।

मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यता सूर्यास्त के बाद की है। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद मंदिर और आसपास के जंगल में किसी के रुकने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि मंदिर के कपाट बंद होने के बाद पुजारी भी रात में मंदिर परिसर में नहीं रुकते।

इन्हीं रहस्यमयी लोककथाओं और प्राचीन मान्यताओं से प्रेरणा लेकर ‘द वन’ की कहानी तैयार की गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की यह फैंटेसी फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है।

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