चंडीगढ़। ब्रिटेन में रह रहे खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी देते हुए हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला लेने की बात कही है। पम्मा ने एक ऑडियो संदेश जारी कर बराड़ पर बातचीत की रिकॉर्डिंग लीक करने और निज्जर की हत्या को लेकर अलग-अलग दावे करने का आरोप लगाया है।
ऑडियो में पम्मा ने बराड़ को खुली चुनौती देते हुए कहा कि निज्जर की हत्या का हिसाब लिया जाएगा। उसने यह भी दावा किया कि बराड़ ने बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया था कि उनकी बातचीत रिकॉर्ड नहीं की जाएगी, लेकिन बाद में कथित तौर पर रिकॉर्डिंग का एक हिस्सा सामने आ गया।
निज्जर की हत्या को लेकर बराड़ पर निशाना
पम्मा ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर गोल्डी बराड़ पर तीखा हमला बोला। उसने आरोप लगाया कि निज्जर को निशाना बनाना गलत था और इसके लिए बराड़ को परिणाम भुगतना पड़ेगा।
पम्मा ने अपने संदेश में बराड़ को मुकाबले की चुनौती देते हुए समय और स्थान बताकर सामने आने की बात भी कही। उसने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में उसके खिलाफ कई हमले की कोशिशें हुईं, लेकिन वह सुरक्षित रहा।
बातचीत लीक करने का लगाया आरोप
पम्मा के मुताबिक, 12 जुलाई को गोल्डी बराड़ के साथ उसकी बातचीत हुई थी। उसका दावा है कि बातचीत के दौरान बराड़ ने अपनी बात रखने की इच्छा जताई और रिकॉर्डिंग नहीं करने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद बातचीत का कुछ हिस्सा कथित तौर पर सार्वजनिक कर दिया गया।
इसी बातचीत से जुड़ी रिकॉर्डिंग में बराड़ ने कथित तौर पर निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। बराड़ ने निज्जर को लेकर कई आरोप भी लगाए थे और उसकी हत्या को आपसी विवाद से जोड़ने की कोशिश की थी।
सरकारी एजेंसियों के इशारे पर काम करने का आरोप
पम्मा ने गोल्डी बराड़ पर भारतीय सरकारी एजेंसियों के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया। उसने दावा किया कि निज्जर की हत्या को आपसी विवाद बताकर बराड़ कथित तौर पर अपने पीछे मौजूद लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
पम्मा ने अमेरिका में हुई जांच और एफबीआई से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए बराड़ को संबंधित जांच रिकॉर्ड देखने की चुनौती दी। उसने दावा किया कि जांच एजेंसियों के पास फोन कॉल और लोकेशन से जुड़े सबूत मौजूद हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निज्जर और पम्मा का खालिस्तानी संगठनों से संबंध
परमजीत सिंह पम्मा को भारत सरकार ने जुलाई 2020 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, उसका संबंध खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) से रहा है।
हरदीप सिंह निज्जर का नाम भी खालिस्तान टाइगर फोर्स से जोड़ा जाता रहा है। दूसरी ओर, गोल्डी बराड़ पर गैंगस्टर लॉरेंस सिंडिकेट के साथ मिलकर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पम्मा और गोल्डी बराड़ के बीच कथित विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले भी खालिस्तानी समर्थक संगठनों से जुड़े लोगों की ओर से बराड़ को धमकियां दिए जाने के मामले सामने आ चुके हैं।


