फिरोजपुर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के कथित अपमान को लेकर सोमवार को फिरोजपुर में वाल्मीकि समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शहर और छावनी को जोड़ने वाले रेलवे पुल पर पहुंच गए और धरना देकर यातायात रोक दिया।
धरने के चलते करीब दो घंटे तक रेलवे पुल पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में शामिल आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रतिमा के अपमान को बताया भावनाओं से खिलवाड़
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के जरिए देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षा को समाज की तरक्की का मजबूत माध्यम बनाया। ऐसे महापुरुष की प्रतिमा का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रावण सेवा के प्रधान दीप दशानन ने कहा कि प्रतिमा का अपमान करने वालों के खिलाफ पुलिस को बिना देरी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों ने इस घटना को अंजाम देकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अंडरब्रिज के रास्ते डायवर्ट किया ट्रैफिक
रेलवे पुल पर धरने के कारण यातायात प्रभावित होने पर पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालना शुरू किया। शहर की तरफ आने-जाने वाले ट्रैफिक को बस्ती टैंकावाली रेलवे अंडरब्रिज की ओर डायवर्ट किया गया।
वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से वहां भी दबाव देखने को मिला। पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने में जुटे रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रतिमा के अपमान के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।


