चंडीगढ़। पंजाब में उमस और गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य में मानसून सक्रिय होने के बाद कई इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब के 16 जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, गुरदासपुर और पठानकोट में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनने की चेतावनी दी गई है। यह मौसम बदलाव 17 सितंबर तक बने रहने की संभावना है।
इन इलाकों में बरस सकते हैं बादल
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़ और मोहाली में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
गुरदासपुर और पठानकोट में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। यहां कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
चंडीगढ़ में छाए रहेंगे बादल
चंडीगढ़ में सोमवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। हालांकि तापमान में फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। पंजाब में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दो मौसम प्रणालियों के कारण बदला मौसम
मौसम में इस बदलाव के पीछे दो मौसमी प्रणालियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मानसून ट्रफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।
इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बादल छाने, बारिश होने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।
भाखड़ा और पोंग डैम की स्थिति नियंत्रण में
बारिश के बीच राज्य के प्रमुख बांधों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। भाखड़ा डैम में जलस्तर 1644.09 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसका अधिकतम जलाशय स्तर 1680 फीट है। यहां करीब 26,455 क्यूसेक पानी की आवक और 26,098 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
वहीं पोंग डैम में जलस्तर 1372.35 फीट दर्ज किया गया है। इसका अधिकतम जलाशय स्तर 1400 फीट है। पोंग डैम में करीब 19,305 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 17,662 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों बांधों का जलस्तर फिलहाल अधिकतम सीमा से नीचे बना हुआ है।


