गुरुग्राम: गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर शिवानी चौहान के साथ हुई रोडरेज की घटना के बाद गुरुग्राम में महिला बाइकर्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद महिला राइडर्स ने शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है।
महिला बाइकिंग ग्रुपों में बढ़ी चिंता
दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और एनसीआर के अन्य हिस्सों में कई बाइकिंग ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जो नियमित रूप से बाइक राइडिंग करती हैं। इनमें कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं के अलावा उद्यमी, कलाकार और अन्य प्रोफेशनल्स भी शामिल हैं।
एनसीआर के कई बाइकिंग ग्रुप हर सप्ताहांत गोल्फ कोर्स रोड, दिल्ली-जयपुर हाईवे और अरावली क्षेत्र के लेपर्ड ट्रेल जैसे रूट पर राइडिंग के लिए जाते हैं। हालिया घटना के बाद कुछ महिला राइडर्स के बीच इन रास्तों पर सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इन रास्तों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग
महिला बाइकर्स का कहना है कि गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और लेपर्ड ट्रेल जैसे हिस्सों पर पुलिस की मौजूदगी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे रोडरेज और अन्य अप्रिय घटनाओं की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
महिला राइडर्स को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
महिला बाइकर्स के मुताबिक, उन्हें सड़क पर ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियों के साथ-साथ कई सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। स्पोर्ट्स या भारी बाइक चलाने वाली महिलाओं को कई बार राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की असहज नजरों का सामना करना पड़ता है।
कुछ महिला राइडर्स का कहना है कि सड़क पर दूसरे वाहन चालकों द्वारा अचानक कट मारना, रेस के लिए उकसाना, पीछा करना या अश्लील इशारे करना जैसी घटनाएं भी चिंता का कारण बनती हैं। कई महिलाएं इन परिस्थितियों से बचने के लिए ग्रुप में राइड करना पसंद करती हैं।
शिवानी चौहान के साथ हुई घटना के बाद महिला बाइकिंग समुदाय में यह सवाल उठ रहा है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और बेहतर मोबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।


