HomePunjabजग्गा सिंह केस पर सियासत तेज, मनीष सिसोदिया बोले- ‘नशे के खिलाफ...

जग्गा सिंह केस पर सियासत तेज, मनीष सिसोदिया बोले- ‘नशे के खिलाफ जंग में विपक्ष सरकार का साथ दे’

HINDI NEWS: आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने सोमवार को संगरूर के नामोल में जग्गा सिंह केस पर भाजपा के स्टैंड की आलोचना की और उस व्यक्ति को राजनीतिक समर्थन दिए जाने पर सवाल उठाया, जिसके खिलाफ नशा, आबकारी और रेप से जुड़े मामलों सहित 9 एफआईआर दर्ज हैं और 4 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। पुलिस ने भी जग्गा सिंह के खिलाफ एनडीपीएस केस सहित 9 एफआईआर और 4 मामलों में दोषी ठहराए जाने की सार्वजनिक पुष्टि की हैI

 

आप पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने कहा, “राजनीतिक पार्टियों को ऐसे मामलों पर सार्वजनिक ब्यान देने या वीडियो और ट्वीट पोस्ट करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में तथ्य चेक करने चाहिए और यह समझना चाहिए कि उसके गांव में उसकी क्या पहचान है। भाजपा ने इस मामले से जुड़े तथ्य चेक किए बिना इस मुद्दे पर टिप्पणी कर दी।”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “भगवंत मान सरकार नशों के खिलाफ अपने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम को मज़बूती से आगे बढ़ा रही है। ऐसे समय में जब सरकार नशा तस्कर के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, भाजपा ने कई आपराधिक मामलों का सामना कर लोगों को सार्वजनिक समर्थन करना क्यों चुना है? विपक्ष पार्टियों को हर घटना का इस्तेमाल पंजाब सरकार को टारगेट करने के लिए करने के बजाय ड्रग्स को खत्म करने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।”

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी जग्गा सिंह मामले को राजनीतिकरण करने के लिए विपक्ष की आलचना की। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति इस विवाद के सेंटर में है, उसके खिलाफ पिछले कुछ सालों में कई केस दर्ज हुए हैं।” “विपक्ष को इस मामले पर कोई पक्ष लेने से पहले गांव जाकर तथ्यों को समझना चाहिए था और वहां उसकी स्थिति का मुल्यांकन करना चाहिए था।”

उन्होंने आगे कहा, “जब पंजाब सरकार ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम चला रही है और नशा नेटवर्क के खिलाफ एक्शन ले रही है, तो विपक्ष के नेताओं को कई केस झेल रहे लोगों को सार्वजनिक समर्थन करने से पहले ज़्यादा ज़िम्मेदारी दिखानी चाहिए। राजनीतिक पार्टियों को बिना तथ्यों की जांच किए सिर्फ सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर वीडियो या बयान नहीं देने चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, विपक्ष को मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाना बनाने के बजाए पंजाब से ड्रग्स खत्म करने की सरकार के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए। ऐसे मामलों पर कमेंट करने से पहले, विपक्ष के नेताओं को एक आसान प्रक्रिया का पालन करना चाहिए: पहले तथ्य पता करें, फिर उन्हें जांच करें और उसके बाद ही केस की परिस्थितियों का मुल्याकंन करें।

मंत्री ने आखिर में कहा, “नशों के विरुद्ध लड़ाई के लिए मिलकर सहयोग की ज़रूरत है, और पंजाब में ड्रग्स की समस्या के खिलाफ कार्रवाई में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए।”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments