पानीपत। जिले के डाहर गांव में एक पुलिसकर्मी को कथित प्रेम-प्रसंग के चलते ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। झज्जर पुलिस में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पर एक शादीशुदा महिला से कथित संबंध होने का आरोप है। महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी की पिटाई करने के साथ उसकी कार में भी तोड़फोड़ कर दी। घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल ASI को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
महिला से मिलने गांव पहुंचा था ASI
जानकारी के अनुसार, सोनीपत के जोली गांव निवासी सीताराम झज्जर पुलिस में ASI के पद पर तैनात है। आरोप है कि उसका डाहर गांव की एक शादीशुदा महिला के साथ काफी समय से कथित प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को ASI महिला से मिलने उसके गांव पहुंचा था। इसी दौरान महिला के ससुराल पक्ष और परिजनों को इसकी जानकारी हो गई। परिजनों ने उसे मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए।
आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों ने ASI के साथ मारपीट की और उसकी कार में तोड़फोड़ कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल पहुंचाया।
महिला की सास ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत
मामले में महिला की सास की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देने की बात सामने आई है। शिकायत में महिला और ASI के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, महिला की शादी करीब 25 वर्ष पहले हुई थी और उसकी एक 10 वर्षीय बेटी है। महिला की सास का आरोप है कि ASI का उनके घर अक्सर आना-जाना था और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ASI के कथित प्रभाव में आकर महिला ने अपने पति जोगिंद्र को खाने में नशीली गोलियां देना शुरू कर दिया। सास का दावा है कि इसके चलते जोगिंद्र की तबीयत बिगड़ी और वह पैरालिसिस का शिकार हो गया। शिकायत में दोनों पर जोगिंद्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल महिला की सास की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच की जानी बाकी है। पुलिसकर्मी के साथ मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ के मामले की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।


